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फार्रच्यूनर कार छीनने की असफल कोशिश के दौरान आरोपियों द्वारा इस्तेमाल

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खरड़। खरड़-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस स्टैंड खरड़ के पास से 6 नवंबर की रात को एक फॉर्च्यूनर कार छीनने की कोशिश के दौरान आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई क्रूज कार को खरड़ पुलिस ने बुधवार को बरामद कर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान गुरबीर सिंह उर्फ गुरी ने स्वीकार किया है कि वह और उसके दो साथी गैंगेस्टर सुखप्रीत सिंह बुड्ढा गिरोह के सदस्य हैं। उनके खिलाफ पंजाब के अलग-अलग जिलों में अनेक मामले दर्ज हैं।
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थाना सिटी खरड़ के एसएचओ इंस्पेक्टर भगवंत सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी गुरबीर सिंह उर्फ गुरी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसके दो साथी अभी भी फरार हैं, जिन्हें जल्दी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपी ने पूछताछ के दौरान माना है कि उसने ओएलएक्स पर बिकने आई एक सिल्वर कलर की क्रूज कार का नंबर देखने के बाद इस छीनी गई कार पर जाली नंबर पीबी-88-8666 लगाया था। इस कार का असली नंबर हरियाणा का लगा हुआ था। आरोपियों ने यह कार हरियाणा के गुरुग्राम शहर से छीनी थी। यह कार एरो सिटी सी ब्लाक मोहाली से एक किराये के फ्लैट नंबर 2254 से आरोपी की निशानदेही पर बरामद की गई है। आरोपी ने यह फ्लैट मकान मालिक को यह कह कर किराये पर लिया हुआ था कि उसने यहां रह कर आईलेट्स करनी है। एरो सिटी के जिस फ्लैट में आरोपी रहते थे, उसके मालिक तथा जिसने आरोपियों को फ्लैट किराये पर दिलाया था, उससे भी पूछताछ की जाएगी।
एसएचओ ने बताया कि आरोपी ने माना है कि इस कार द्वारा खरड़ में फॉर्च्यूनर कार छीनने से एक दिन पहले फतेहगढ़ साहिब में लूट की घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई थी। इससे पहले लुधियाना में एक व्यक्ति से 50 लाख रुपये की फिरौती लेने के लिए फायरिंग की गई थी। आरोपी का एक साथी चेन्नई तथा दूसरा अलवर में रहने वाला है, जिन्हें भी पुलिस द्वारा जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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शिकायतकर्ता मोहाली निवासी वीरइंद्रपाल सिंह आईलेट्स और स्टडी वीजा की कोचिंग चंडीगढ़ रोड़ कुराली में चला रहा है। वीरइंद्रपाल सिंह 6 नवंबर की रात को अपनी फॉर्च्यूनर कार में कुराली से अपने घर मोहाली आ रहा था। वह बस स्टैंड खरड़ से थोड़ा आगे सड़क किनारे पेशाब करने के लिये रुका। जब वह वापस आकर कार में बैठने लगा तो उसे दो युवकों ने पिस्तौल दिखाते हुए कहा कि गाड़ी से नीचे उतरो और चाबी उन्हें दे दो। आरोपियों ने गाड़ी न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। वीरइंद्रपाल सिंह ने जब हमलावरों का विरोध किया तो एक आरोपी ने उसकी बायीं टांग पर चाकू से वार कर दिया और वीरइंद्रपाल सिंह से अपना पिस्तौल झपट कर फरार हो गए।
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