गांव कुड़ावालां के एक क्लीनिक में दवा देने के बहाने विधवा महिला से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता मीरपुर गांव की रहने वाली है और दो बच्चों की मां है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को डेराबस्सी की अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि डॉक्टर झोलाछाप है। उसके खिलाफ बिना लाइसेंस के क्लीनिक चलाने के आरोप में कार्रवाई के लिए सेहत विभाग को लिखा गया है।
पुलिस को दिए बयान में शिकायतकर्ता ने बताया कि वह कुड़ावालां में दीप क्लीनिक में कुछ दिन पहले दवा लेने गई थी। उस दवा से खास लाभ नहीं हुआ। डॉक्टर ने फोन करके उसे दोबारा बुलाया। जब वह मंगलवार दोपहर क्लीनिक पहुंची तो दवा बदलते हुए डॉ. शमशेर सिंह ने उसे दो गोलियां खाने के लिए दी। गोलियां खाने के बाद उसे चक्कर आने लगे। इस पर डॉक्टर ने उसे केबिन में कुछ देर आराम करने के लिए कहा। बाद में उसने दरवाजे की अंदर से कुंडी लगा ली। उसने कुंडी लगाने पर एतराज किया, लेकिन डॉक्टर ने जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया।
इसके बाद पीड़िता ने तुरंत 181 पर फोन कर पुलिस बुला ली। महिला का डेराबस्सी सिविल अस्पताल में मेडिकल कराया गया। आईओ हरजिंदर सिंह के अनुसार, डॉक्टर को मंगलवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 342 और 506 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। आईओ ने बताया कि डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त दस्तावेजों के क्लीनिक चला रहा था। आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश करने पर उसे पटियाला जेल भेज दिया गया। उधर, आरोपी शमशेर का कहना है कि वह बेकसूर है। उसे रंजिशन एक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।