मोहाली पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के लिए पंजाब और हरियाणा में हथियारों की सप्लाई करने वाले दो गैंगस्टरों को गिरफ्तार कि या है। दरअसल यह दोनों गैंगस्टर किसी वारदात को अंजाम देने आए थे, जिनको पुलिस ने काबू कर लिया। दोनों के कब्जे से पुलिस को .32 बोर की पिस्टल, आठ कारतूस और स्कॉर्पियो कार बरामद की है। इसमें बैठकर आरोपी वारदात करने जा रहे थे।
दोनों के खिलाफ बलौंगी पुलिस थाने में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। गैंगस्टरों की पहचान गगनदीप सिंह गग्गी और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गांव किंगरा, सिरसा (हरियाणा) के रूप में हुई है। एसएसपी विवेकशील सोनी ने बताया कि इन गैंगस्टरों की गिरफ्तारी से पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को लेकर अहम खुलासे होने की संभावना है। जबकि गुरप्रीत और गगनदीप सिंह लगातार मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना के संपर्क में रहते हैं। मन्ना ने सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल टोयोटा कोरोला कार मुहैया करवाई थी।
पंजाब-हरियाणा सीमा पर शूटरों को देते थे हथियारों की सप्लाई
पंजाब पुलिस के खुफिया विभाग की बिल्डिंग में हुए आरपीजी ब्लास्ट के बाद से जिला पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। जबकि पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के बाद पुलिस अधिकारी लगातार सोसायटीज में जाकर चेकिंग अभियान चला रहे हैं। खुफिया विभाग से मिलने वाली हर छोटी से छोटी लीड को आलाधिकारी बड़ा समझकर काम कर रहे हैं।
गिरफ्तार दोनों आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ के इशारे पर शूटरों को हथियार मुहैया करवाने का काम पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर रह कर करते थे, क्योंकि वह एक राज्य में वारदात कर बड़ी आसानी से दूसरे राज्य में दाखिल हो जाते हैं। गैंगस्टरों की यही चाल पुलिस के लिए हमेशा सिरदर्द बनी रहती है और गैंगस्टर पंजाब-हरियाणा पुलिस की गिरफ्तारी से बच निकलते थे।