एसएसपी ने कहा कि अभी भी दो लुटेरे पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। इनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रंजोध सिंह गिल निवासी जीरा, हाल निवासी पेंटा होम्स सोसायटी वीआईपी रोड को लूट के पहले दिन ही गिरफ्तार कर लिया था। उसको अदालत में पेश करके पांच दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था।
रिमांड में पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके फ्लैट से लूट के 28 लाख रुपये बरामद किए थे। इसके अलावा बाकी के 40 लाख रुपये मनिंदरजीत सिंह निवासी जंडियाला गुरु के पास से बरामद किए थे। उन्होंने कहा कि आरोपी मनिदंरजीत सिंह को सीआईए स्टाफ और पुलिस स्टेशन हंडेसरा की पुलिस ने काबू किया है। जबकि आरोपी सौरव को थाना प्रभारी डेराबस्सी और पुलिस स्टेशन लालड़ू की टीम ने काबू किया। पुलिस ने आरोपियों से दिल्ली नंबर की एक होंडा सिटी कार बरामद कर ली है।
रंजोध सिंह गिल और मनिंदरजीत सिंह ने बनाई थी लूट की योजना
इस लूट के मुख्य मास्टर माइंड पहले दिन काबू किए गए रंजोध सिंह गिल और मनिंदरजीत सिंह हैं। दोनों ने लूट की योजना बनाई और इसके बाद इस लूट को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक दोनों पिछले कई दिनों से प्रॉपर्टी डीलर हरजीत सिंह नागपाल सिंह से मिल रहे थे। इनको इसकी भनक थी कि प्रॉपर्टी डीलर नागपाल के पास उसकी जमीन की रकम आने वाली है। इसलिए दोनों ने यह योजना बनाई।
सौरव को पहले जानते थे दोनों मास्टरमाइंड
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों मास्टर माइंड इस लूट की योजना बनाने के बाद वारदात को अंजाम देने के लिए लोगों की तलाश में थे। इस काम के लिए उन्होंने वीआईपी रोड पर एक सोसायटी में रहने वाले सौरव को तैयार किया। वह इन्हें पहले से जानता था। इसके बाद सौरव ने ही लूट के लिए अन्य दो साथी तैयार किए, जो अभी फरार हैं।
जोमैटो वाले की भूमिका संदिग्ध
पुलिस को लूट के बाद मौके से एक जोमैटो वाले की बाइक खड़ी मिली है। पुलिस को शक है कि वारदात से पहले जो चार आरोपी प्रॉपर्टी डीलर से दफ्तर में रेकी के लिए आए थे उनमें जोमैटो वाला युवक भी था। हालांकि पुलिस जांच कर रही है। अभी भी फल विक्रेता मोहम्मद साबिर पर गोली चलाने वाला और उसका एक साथी गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने अभी फरार दोनों आरोपियों के नाम का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक गोली चलाने वाले लुटेरे का नाम पहलवान है।
लूट की बाकी रकम फरार चल रहे आरोपियों के पास है। जो वारदात को अंजाम देने के बाद अपना-अपना हिस्सा लेकर अलग-अलग हो गए थे। यह जांच के बाद ही सामने आएगा कि इस वारदात में मौके पर पहुंचे चार आरोपी ही शामिल थे या उनके साथ अन्य लोग भी इस लूट का हिस्सा थे, जिनकी जांच की जा रही है। -गुरबख्शीश सिंह, डीएसपी डेराबस्सी।