श्रीदुर्गा मंदिर फेज-10 के पदाधिकारियों और सदस्यों की बैठक का एक गुट ने बायकाट कर दिया। यह बैठक एक होटल में आयोजित की गई थी। कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों को होटल के गेट पर ही बाउंसरों ने रोक दिया। इसका पदाधिकारियों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला इतना तूल पकड़ा कि मौके पर पुलिस ने पहुंचकर हस्तक्षेप किया। विवाद मंदिर कमेटी में बने दो धड़ों में मतभेद और कमेटी की वर्किंग को लेकर बताया जा रहा है।
कमेटी के उपाध्यक्ष जेपी तोकी ने बताया कि मंदिर कमेटी के सदस्यों की बैठक को होटल में करना गलत है। यह बैठक श्रीदुर्गा मंदिर में हो होनी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि रविवार को होटल में आयोजित बैठक में शामिल होने के लिए जब वह पहुंचे तो गेट पर तैनात दो बाउंसरों ने उन्हें रोक दिया। पूछने पर बताया कि उन्हें मंदिर कमेटी के प्रधान ने कहा है। जेपी तोकी ने बताया कि होटल में करीब 50 से 60 सदस्य थे, जबकि कई पदाधिकारी और दर्जनों सदस्य होटल के बाहर थे। उन्होंने कहा कि कमेटी के कुछ पदाधिकारी मनमर्जी चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन माह पहले मंदिर कमेटी का चुनाव हो चुका है।
नवनियुक्त कैशियर को आज तक पुराने कैशियर ने चाबी, हिसाब-किताब और चेक बुक नहीं दी है। जबकि कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष मोहन सिंह को कई बार इस बारे में कहा जा चुका है। उपाध्यक्ष ने मंदिर के हिसाब-किताब पर भी सवाल उठाए।