दो साल पहले एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए धर्मकोट के नायब तहसीलदार बचित्तर सिंह को जिला अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिया है। अदालत ने तहसीलदार को चार साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला अतिरिक्त सेशन जज सारू मेहता कौशिश की अदालत ने सुनाया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला दिया है। जानकारी के मुताबिक यह मामला 2014 का है।
इस संबंध में विजिलेंस को हरप्रीत सिंह निवासी किशनपुरा मोगा ने शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने संपत्ति खरीदी थी। यह करीब दो एकड़ जमीन थी। जमीन की रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेज जारी करने के लिए धर्मकोर्ट का नायब तहसीलदार चार लाख रुपये मांग रहा था। वह काफी समय से इस बात पर परेशान था। इसी बीच आहत होकर उसने इस संबंध में विजिलेंस को शिकायत दे दी। इसके बाद विजिलेंस ने पूरी प्लानिंग के बाद ट्रैप लगाया और आरोपी को एक लाख रुपये की पहली किश्त के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर विजिलेंस ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने उसके विभिन्न घरों की तलाशी ली थी। इस दौरान काफी मात्रा में रुपये रिकवर हुए थे।