बैंक अधिकारियों समेत नौ लोगों पर केस दर्ज
इश्योरेंस पालिसी के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला
एसएसपी के आदेश पर हुई जांच के बाद की गई कार्रवाई
आरोपी अभी तक फरार, पुलिस आरोपियों की जांच में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। मटौर थाने में इंश्योरेंस पालिसी के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में दो महिलाओं समेत नौ लोगों पर केस दर्ज किया गया है। आरोपियों में आरबीआई बैंक मुंबई के डिप्टी जनरल मैनेजर इंद्रजीत सिंह गरेवाल, सरिता महाजन शामिल हैं। इसके अलावा मोहम्मद यूसुफ, अनीता सेन जनरल मैनेजर ऑफ बैक ऑफ महाराष्ट्र लखनऊ ब्रांच, प्रेम, गायत्री, संजय सिंह, जतिंदर प्रकाश और रवि शंकर पर केस दर्ज किया गया है। ये सारे प्राइवेट कंपनी में तैनात हैं। इस संबंधी सेक्टर-71 निवासी मनमोहन सिंह ने एसएसपी को शिकायत दी थी। जांच के बाद केस दर्ज हुआ है।
शिकायत में मनमोहन सिंह ने बताया कि उसने एक प्राइवेट कंपनी से 2015 में लाइफ इंश्योरेंस पालिसी प्लान लिया था। वह नियमों के मुताबिक भुगतान कर रहा था। अक्तूबर 2017 में उसे एक कॉल आई । कॉल करने वाले ने खुद को आरबीआई की मुंबई शाखा का डिप्टी जनरल मैनेजर इंद्रजीत सिंह गरेवाल बताया। उसने कहा कि जो उसकी इंश्योरेंस पालिसी है वह नियमों के मुताबिक नहीं है। इसके बाद सरिता महाजन नाम की महिला की कॉल आई। उसने खुद को आरबीआई का सीनियर मैनेजर बताया। उसका भी कहना था कि उनकी पालिसी आरबीआई की गाइड लाइन के मुताबिक नहीं है। बताया कि वह साठ साल की उम्र के बाद इंश्योरेेंस पालिसी नहीं ले सकते हैं। उसने पालिसी बंद करने के लिए कह दिया।
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सात लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस के रूप में हड़पे
मनमोहन सिंह ने बताया कि इसी बीच दिसंबर में एक बार फिर से उन्हें कॉल आई। इस दौरान उन्होंने कहा कि उसका पालिसी मैच्योर होने वाली है। उसमें तीस लाख रुपये मिलने हैं। इसके लिए उन्हें प्रोसेसिंग फीस भरनी होगी जो लगभग सात लाख रुपये बनती है। उसने तीस लाख के चेक की फोटो कॉपी भेज दी। इसके बाद मनमोहन सिंह ने उक्त राशि का भुगतान भी कर दिया। इसके बाद उन लोगों ने फोन तक उठाना बंद कर दिया। मनमोहन सिंह ने इस संबंधी एक शिकायत एसएसपी मोहाली को मई में दी। डीएसपी स्तर के अधिकारी ने इस मामले की पड़ताल की जिसके बाद मटौर थाने में आरोपियों पर केस दर्ज करने की कार्रवाई की गई।