सरपंच पति की दुकान का ताला तोड़ जबरन खाली कराने का आरोप
विधायक शर्मा ने लगाया आरोप, कांग्रेस नेताओं की शह पर की गई कार्रवाई
कोऑपरेटिव सोसायटी के सचिव को बर्खास्त करने की मांग
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर शुरू की जांच
अमर उजाला ब्यूरो
डेराबस्सी/लालड़ू। बैरमाजरा की सरपंच जसविंदर कौर के पति सुरेश सिंह ने दप्पर स्थित उसकी दुकान का ताला तोड़कर उसका सामान खुर्द-बुर्द करने का आरोप लगाया है। दुकान कोऑपरेटिव सोसायटी की है जिसके सचिव अजायब सिंह पर आरोप है कि उसने सुरेश को न केवल धमकाया बल्कि जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। विधायक एनके शर्मा ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई दबाव बनाने के लिए कांग्रेस नेताओं की शह पर की गई है। बहरहाल, पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक एनके शर्मा ने कहा कि सोसायटी के प्रधान सरदारा सिंह को भी इस कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई जबकि 10 साल से दुकान करते आ रहे सुरेश सिंह ने उसका मार्च तक किराया भी अदा किया हुआ है। इससे पहले भी जनवरी में अजायब सिंह ने सुरेश सिंह को फोन पर धमकाते हुए उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया था, जिसकी लिखित शिकायत ऑडियो क्लिप के साथ दी थी जिस पर मात्र धमकाने का केस दर्ज किया गया जबकि एससी एक्ट नहीं लगाया गया। दो महीने बाद फिर उसकी सरकारी मुलाजिम ने सियासी रसूख का दुरुपयोग करते हुए न केवल जबरन दुकान खाली कराई बल्कि करीब पांच लाख रुपये का सामान भी खुर्द-बुर्द कर दिया। शर्मा ने कहा कि शनिवार को सुरेश सिंह की दुकान का ताला तोड़ नया ताला जड़ दिया गया और रंग-रोगन भी कराया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस धक्केशाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आरोपी सचिव को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की।
मौके पर पहुंचे लैहली चौकी इंचार्ज नरपिंदर सिंह के अनुसार सुरेश सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में अजायब सिंह, बेटा जग्गी, भतीजा हरदीप, हरजिंदर रानीमाजरा, गुरबचन सहित दो दर्जन लोगों पर जबरन दुकान खाली कराने और उससे गाली गलौज करने का आरोप लगाया है। पुलिस एक दिन के भीतर इसकी जांच पड़ताल करते हुए बनती कार्रवाई करेगी।
अजायब सिंह आरोपों का किया खंडन
अजायब सिंह ने सुरेश सिंह के तमाम आरोपों को झूठे बताते हुए इनका खंडन किया। अजायब ने कहा कि किराया सोसायटी के पास नहीं पहुंचा। दुकान खाली कराने का नोटिस सितंबर 2018 को दिया गया था। सुरेश ने खुद दुकान खाली कर चाबी चौकीदार को थमा दी थी जिसके बाद सोसायटी ने रंग रोगन कर मार्कफेड का सामान दुकान में रखवा दिया है। उन्होंने न किसी को धमकाया, न ही किसी के खिलाफ जातिसूचक शब्द इस्तेमाल किए। उसके खिलाफ ऑडियो क्लिप भी फर्जी था। उधर, सुरेश सिंह के अनुसार उसने किसी को चाबी नहीं पकड़ाई जबकि सोसायटी के प्रधान सरदारा सिंह ने किराया सोसायटी को अदा किए जाने की पुष्टि की है।
फोटो सहित: सरपंच के पति सुरेश सिंह के साथ प्रेस कांफ्रेंस करते एनके शर्मा।