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आतंकियों की नहीं खुल रही फेसबुक, मैसेज डीकोड करने में आ रही दिक्कत

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आतंकियों की नहीं खुल रही फेसबुक, मैसेज डीकोड करने में आ रही दिक्कत
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अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
खालिस्तान जिंदाबाद के पकड़े गए आतंकियों को शुक्रवार पुलिस ने अदालत में पेश किया गया। इस दौरान आरोपियों का रिमांड लेने के लिए पुलिस ने अदालत में दलील दी कि दो आतंकियों तरमिंदर सिंह व रमनदीप सिंह के एकाउंट नहीं खुल रहे हैं। जिससे जांच को आगे ले जाने में दिक्कत आ रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने सोशल मीडिया में कुछ बातचीत विशेष कोडिंग में की है। इसे डीकोड करने में दिक्कत आ रही है। जिस पर अदालत का तर्क था कि ऐसे में दो आरोपियों को छोड़कर अन्य पांच आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाए। वहीं पुलिस की ओर से कोर्ट में कहा गया कि जब आतंकियों की फेसबुक खुलेगी तो उन्हें कई अन्य जानकारियां मिलने के आसार है। ऐसे में अगर आरोपी जेल चले जाएंगे तो उन्हें दोबारा जेल से आने ले जाने में समय लगेगा। जिस पर अदालत ने सभी आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
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बता दें कि कुछ दिन पहले मोहाली से पकड़े गए खलिस्तान जिंदाबाद के इन आतंकियों में तरमिंदर सिंह, जरनैल सिंह, सतनाम सिंह, रमनदीप सिंह, रणदीप सिंह, हरविंदर सिंह और अमृतपाल कौर शामिल है। इनको पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर विभिन्न स्थानों से पकड़ा था। पुलिस का आरोप था कि ये आतंकी कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार समेत कई अन्य हिंदू नेताओं को मारने की तैयारी में थे। इसके बाद आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। इतना ही नहीं देश की कई सुरक्षा एजेंसियां भी आरोपियों से पूछताछ कर चुकी है।
पुलिस का अपना साइबर सेल, फिर भी आ रही है मुश्किल :
दूसरी तरफ अदालत में पेश हुए बचाव पक्ष के वकीलों ने भी एक के बाद एक तर्क अदालत में रखे। उनका कहना था कि 30 मई को इन्हें पकड़ा गया था। फिर भी अभी तक पुलिस से इनके फेसबुक एकाउंट व अन्य सोशल मीडिया के एकाउंट नहीं खुल रहे हैं। जबकि पुलिस का अपना साइबर सेल है। जिसमें नामी विशेषज्ञ भी हैं। इसके बाद भी यह बहानेबाजी उचित नहीं है। यह सारी राजनीतिक साजिश है। इन लोगों को झूठी तरह से फंसाया गया है।

पति सऊदी अरब से आए थे, झूठा केस में फंसाया : बलजीत कौर
आतंकी जरनैल सिंह की पत्नी बलजीत कौर भी अपनी गोद में बच्चे को उठाए हुए अदालत पहुंची। मीडिया से बातचीत में बलजीत कौर ने कहा कि उनके पति को केस में झूठे तरीके से फंसाया गया है। वह आठ महीने पहले सऊदी अरब से आए थे। साथ ही खेतीबाड़ी कर अपने परिवार को पाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने उसे पर झूठे केस मेें फंसाया है। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद से उनका पूरा परिवार बिखर गया है।
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तरमिंदर के पिता के भी निकले आंसू :
आतंकी तरमिंदर सिंह के पिता भी अदालत में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि वह बठिंडा के रहने वाले हैं। पुलिस उनके घर पर आई थी। इनमें से तीन सामान्य कपड़ों और तीन पुलिस ड्रेस में थे। इस दौरान उनके बेटे से पूछताछ की। साथ ही वह उसे थाने लेकर जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने उन्हें रोका व कहा कि वह खुद उन्हें थाने लेकर आएंगे। इसके बाद जब वह बेटे को थाने लेकर गए तो उसे गिरफ्तार कर लिया और उन्हें मिलने तक नहीं किया।

खास बात - खालिस्तान जिंदाबाद के आतंकियों का रिमांड लेने के लिए पुलिस अदालत में बोली
क्रासर - अदालत ने सभी आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर भेजा, कई तथ्य भी आए सामने
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