सिसवां डैम के पानी में रहने से शव पड़ गया था नीला, हो चुका था सख्त
पुलिस ने शव को खरड़ अस्पताल की मार्चरी में भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
नयागांव/ मुल्लांपुर। आखिर दो दिन के बाद जींद से आए गोताखोरों ने सिसवां डैम में कूदे युवक का शव पानी से बाहर निकाल लिया है। इस दौरान शव सख्त हो गया था। साथ ही पानी में रहने से नीला भी पड़ गया था। इतना ही नहीं शव से शराब की बदबू अभी भी आ रही थी। पुलिस ने शव को निकालने के बाद पोस्टमार्टम करवाने का फैसला लिया था।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर 12 बजे के करीब गोताखोरों व पुलिस की टीम सिसवां डैम पर पहुंची। इसके बाद वहां पर मौजूद मछुआरे और नांव की मदद भी ली। फिर नांव में सवार होकर डैम में उतरे। करीब एक घंटे के अंदर युवक का शव गोताखोर ने पानी से बाहर निकाल लिया। बाद में युवक के शव को प्राइवेट गाड़ी में खरड़ अस्पताल की मॉर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव की शिनाख्त के लिए पारिवारिक सदस्यों को भी साथ में अस्पताल ले जाया गया। जिक्रयोग है मृतक करन बुधवार को अपने दोस्तों संग सिसवां डैम गया था। वहां पर ड्रिंक करने के बाद डैम में तैरने के बहाने कूद गया था। डूबने की आशंका पर वीरवार को गोताखोर उसे नहीं निकाल पाए थे। इसके बाद स्पेशल ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर गोताखोर डैम में उतरे थे और शव को निकाला जा सका।
मां नहीं चाहती थी कि बेटे का हो पोस्टमार्टम
वहीं, मृतक की माता सुमन रोते बिलखते हुए बेटे का पोस्टमार्टम करवाने के लिए मना कर रही थी। मृतक करन बुधवार को दोस्तों के साथ सिसवां रोड स्थित कैफे ब्लैक हॉल में दोस्तों के साथ पार्टी करने के लिए आया था। उस दौरान शराब पीते हुए अचानक से करन ने दोस्तों से कहा कि वह नहाने जा रहा है। जब उसे दोस्तों ने मना किया तो वह बोला कि उसे तैरना आता है और वह पहले भी गंगा यमुना में नहा चुका है। वहीं मृतक की माता सुमन सीसीटीवी फुटेज देखने की बात कह रही थी।
पुलिस इन बिंदुओं पर कर रही है काम
हालांकि अब सवाल यह उठता है कि क्या कैफे ब्लैक हॉल में शराब पीने का लाइसेंस मालिक के पास है या नहीं। वहां पर मौजूद कैफे ब्लैक हॉल के कर्मचारियों से बात करने पर पता चला है कि मालिक चंडीगढ़ सेक्टर-16 में रहते हैं। मौके पर वहां पर मोटर भी देखी गई व डैम से गंदा पानी खींचकर स्टाफ उसे इस्तेमाल करता है। एसएचओ राजेश हस्तिर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखने पर सामने आया है कि युवक ने अपने आप ही कपड़े उतारे और नहाने के लिए छलांग लगाने गया था। उसी आधार पर धारा-174 के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस कैफे मालिक को भी जांच के घेरे में ले रही है। उसके पास शराब का लाइसेंस है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। अगर उसके पास लाइसेंस नहीं हुआ तो मालिक के खिलाफ भी बनती कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कैफे मालिक से मांगे दस्तावेज
नो लिकर का बोर्ड लगाने के बाद भी ब्लैक हॉल में शराब पी जा रही थी। इस संबंधी जब मालिक से संपर्क किया गया तो उसने कहा कि उसके पास शराब का लाइसेंस है। एसएचओ मुल्लांपुर राजेश हस्तिर ने कहा कि कैफे ब्लैक हॉल के मालिक को लाइसेंस के दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया है।