मोहाली। कंप्यूटर अध्यापक यूनियन पंजाब की ओर से बुधवार को अपनी मांगों को लेकर फेज 8 स्थित शिक्षा भवन का घेराव किया।
यूनियन के प्रधान गुरविंदर सिंह तरनतारन ने बताया कि यूनियन की ओर से पंजाब के शिक्षा मंत्री, वित्त मंत्री समेत उच्च अधिकारियों के साथ मीटिंग हो चुकीं हैं। लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है और लगातार उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने अध्यापकों के नियुक्ति पत्रों में शामिल पंजाब सिविल सेवा नियमों को लागू न करके उन्हें नई निर्मित सोसाइटी सेवा नियमों को लागू किया करने में लगी हुई हैं। जिसे यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी।
बेशक 2011 में कंप्यूटर अध्यापकों को शिक्षा विभाग के अंतर्गत बनी पिक्टस सोसाइटी मेंं पंजाब सिविल सर्विस सेवाएं के नियमों के तहत रेगुलर दिया गया था पर विभाग की ओर से पंजाब सिविल सर्विस सेवा नियम को पूर्ण रूप से अध्यापकों के लिए लागू नहीं किया गया।
यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की है कि नए सेवा नियमों को रद्द किया जाए और नियुक्ति पत्र में दर्ज पंजाब सीएसआर की शर्त को लागू किया जाए। साथ ही उनको पंजाब के सरकारी मुलाजिमों की तरह सेवा सुविधाएं मिलें। जैसे कि पंजाब सिविल सर्विस सेवा नियम को पूर्ण रूप से लागू किया जाए, 6वां वेतन कमिशन मिले, नौकरी के दौरान मौत हो जाने पर करके आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जाए।
यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर पंजाब सरकार ने उनकी मांगों को नजर अंदाज किया तो आने वाले समय में यूनियन की ओर से संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा।