कुराली। स्थानीय शहर के वार्ड नंबर 12 में काउंसिल की ओर से हजारों स्क्वायर फुट ट्रायल दिखाकर लाखों की अदायगी करने का मामला लगातार गरमा रहा है। इस मामले में लगभग 62 लाख रुपए के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके खिलाफ अब मोहल्लावासी एकजुट हो गए और उन्होंने कच्ची गलियां दिखाते हुए रोष व्यक्त किया। साथ ही सरकार से इस मामले को लेकर कार्रवाई करने की मांग की है।
काउंसिल की ओर से किए गए भष्ट्राचार को लेकर मीटिंग रखी गई। इस दौरान वार्ड नंबर 12 के पार्षद खुशबीर सिंह हैप्पी, मार्केट कमेटी के चेयरमैन हरीश राणा, पार्षद बहादुर सिंह ओके, पार्षद नंदीपाल बंसल, डॉ. अश्विनी शर्मा, ब्लॉक प्रधान नवदीप सिंह सैनी और प्रदीप कुमार रूढा आदि ने बताया कि शहर के विकास के नाम पर शहर वासियों का पैसा लूटा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नगर काउंसिल की ओर से शहर में किए जा रहे विकास कार्यों के संबंध में आरटीआई लगाई गई। इसमें काउंसिल की ओर से बिना कोई काम करवाए करीब 62 लाख रुपए का भ्रष्टाचार करने के तथ्य सामने आए हैं।
पार्षदों और अन्य लोगों ने वार्ड नंबर 12 की एवन सिटी कॉलोनी की कच्ची गलियों को दिखाते हुए कहा कि काउंसिल की ओर से इन गलियों में लगभग 32 हजार स्क्वायर फुट फुट टाइलें लगी दिखाई गई हैं। इसके लिए ठेकेदारों को भुगतान भी कर दिया गया है। इतना ही नहीं, काम पूरा होने के बाद वापस की जाने वाली सिक्योरिटी रकम भी वापस कर दी गई है।
लोगों का कहना था कि जब काम ही नहीं हुआ तो ठेकेदारों को भुगतान कैसे कर दिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि इस मामले में काउंसिल के प्रधान और संबंधित अधिकारी की मिलीभगत साफ दिखाई दे रही है।
इस मौके पर मोहल्ला वासी अंजली, सुरिन्द्रजीत सिंह, हरिन्द्र सिंह, मेहर सिंह, निर्मल सिंह और रोशन लाल वर्मा ने कहा कि जब वार्ड की गलियों में पेवर ब्लॉक और अन्य विकास कार्यों पर लगभग 62 लाख रुपए खर्च किया गया तो काम दिखना चाहिए था। ऐसा कैसे हो गया कि वार्ड में कोई काम नही हुआ और पैसे भी खर्च हो गए। उन्होंने काउंसिल से वार्ड की गलियों में लगे पेवर ब्लॉक दिखाने की भी मांग की।
वार्ड वासियों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और विजिलेंस विभाग से इस मामले को गंभीरता से लेने और कार्रवाई करने की मांग की।
आरोप बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित - रणजीत सिंह जीती पडियाला
इस मामले को लेकर जब काउंसिल प्रधान रणजीत सिंह जीती पडियाला से संपर्क किया गया तो उन्होंने पार्षदों की ओर से लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को नकारते हुए कहा कि ये आरोप निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।