मोहाली। विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को भ्रष्टाचार के जिस मामले में नामजद किया गया है, उस मामले के मुख्य आरोपियों पर भी अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इसी कड़ी में अब कुराली में कालोनी काटने वाले वाली निजी कंपनी के डायरेक्टर दविदंर सिंह को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि कॉलोनी के लिए खरीदी गई जमीन की तय सरकारी फीस जमा नहीं करवाई गई। शुक्रवार को विजिलेंस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दूसरी तरफ, शक्ति सागर एसटीपी नगर निगम पटियाला (रिटायर) पहले से ही दो दिन के रिमांड पर पर चल रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस ने इस मामले में कंपनी के डायरेक्टर दविंदर सिंह संधू, जीएम नगेंदर राऊ, रिटायर्ड पीसीएस अधिकारी अशोक कुमार सिक्का, शक्ति सागर भाटिया के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। विजिलेंस का आरोप है कि कुराली सिसवां रोड पर कंपनी के दो प्रोजेक्ट हैं। इसमें 17.5 एकड़ जमीन पर एक प्रोजेक्ट था, जबकि नौ एकड़ का दूसरा प्रोजेक्ट है। यहां पर कॉलोनी काट इस जमीन की खरीद फरोख्त संबंधी नक्शे पास कर जमीन की रजिस्ट्रियां खरीदारों के नाम करवा दी गईं। जबकि इन कॉलोनियों में काफी प्लॉट मौजूद ही नहीं थे। साथ ही बरसाती नदी के किनारे बने हुए काफी घर बह तक गए थे। इन कॉलोनियों से तीन करोड़ 45 लाख 71 हजार 825 रुपये कंपोजीशन फीस जमा नहीं कराई। इस प्रोजेक्ट में अशोक कुमार सिक्का ने अपने रुतबे का गलत प्रयोग कर कंपनी के प्रबंधकों को फायदा पहुंचाया। जबकि फीस कम ली गई, इससे सरकार को नुकसान हुआ है।