एक व्यक्ति ने फेसबुक पर लाइव होकर पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। आत्महत्या से पहले उसने अपनी पत्नी, दो सालियाें और उनके पतियों पर घर तबाह करने का गंभीर आरोप लगाया। मृतक की पहचान प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। वह एक मीडिया हाउस में नौकरी करता था। नयागांव थाने के एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि प्रदीप की मां के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और उसकी पत्नी फरार चल रही है। प्रदीप ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला नयागांव पोस्ट ऑफिस के पास का है। प्रदीप ने उस समय फंदा लगाया, जब घर मेें कोई नहीं था। उसने पंखे से दुपट्टा बांधकर आत्महत्या से पहले फेसबुक पर लाइव होकर पंजाबी में कहा कि मैं सुसाइड कर रहा हूं। मैं अपनी पत्नी से काफी दुखी हो चुका हूं। पत्नी की दोनों बड़ी बहनें और उनके पतियों ने मेरा घर तबाह कर दिया है। मेरी पत्नी घर से पांच लाख रुपये चोरी करके ले गई है। मेरी मौत के जिम्मेदार मेरी पत्नी, उसकी दोनों बहनें और उनके पति हैं।
आखिरी इच्छा-मेरी मां व बच्चों को मेरे घर अमृतसर भिजवा देना
प्रदीप ने मरने से पहले कहा कि मेरी मां और मेरे दोनों बच्चों को मेरे अमृतसर स्थित घर पर पहुंचा दिया जाए। बस यही उसकी आखिरी इच्छा है। करीब एक मिनट 5 सेकेंड तक बोलने के बाद वह पंखे से झूल गया था।
बेटे ने देखा था पिता को फंदे से झूलते
फंदे पर झूलते हुए प्रदीप को सबसे पहले उसके 11 वर्षीय बड़े बेटे रुआब ने देखा। वह बाहर से खेलकर घर में अपने दोस्त के साथ पानी पीने आया था। उसने देखा कि एक कमरा अंदर से बंद है। उसने पापा को आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं मिला। फिर खिड़की से अंदर देखा तो पापा पंखे से झूल रहे थे। उसके बाद उसने रोते हुए दोस्त को बताया। दोस्त ने खिड़की के अंदर से हाथ डालकर कमरे की कुंडी खोली। इसके बाद रुआब पड़ोसियों को बुलाकर लाया।
बेटा बोला- फोन खरीदने के लिए मम्मी-पापा में हुई थी लड़ाई
रुआब ने बताया कि उसकी दादी कुछ दिन पहले चाय लाते हुए सीढ़ियों से गिर गई थीं। बुआ की लड़की उनका चेकअप कराने अस्पताल ले गई थी। प्रदीप के 11 वर्षीय बेटे रुआब और 9 वर्षीय बेटे अरमान ने बताया कि मम्मी को नया मोबाइल दिलाने के लिए वीरवार को पापा मार्केट गए थे। लेकिन बिना डिस्काउंट के मोबाइल महंगा मिल रहा था।
फिर पापा और मम्मी बिना मोबाइल लिए घर आ गए थे। इसके बाद दोनों में काफी झगड़ा हुआ था। फिर पापा बाहर चले गए और मम्मी घर पर ही लेटी रहीं। थोड़ी देर बाद मैं पापा को ढूंढने गया तो वह नहीं मिले। रुआब ने बताया कि उसके बाद मम्मी ने पापा को फोन किया तो पता चला कि पापा शिवालिक विहार में बुआ के घर में हैं।
सुबह ही घर से चली गई थी पत्नी
रुआब ने बताया कि शुक्रवार की सुबह करीब साढे़ 6 बजे मम्मी भी घर से चली गई थीं। मम्मी ने हमसे सिर्फ इतना कहा कि मैं थोड़े दिनों में आ जाऊंगी। जब तक लड़ाई शांत नहीं होती।