मोहाली। शहर में सफाई का ठेका विधानसभा चुनाव से पहले खत्म हो चुका है। इस कारण मौजूदा समय में शहर में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। शहर की प्रमुख सड़कों के किनारे सूखे पत्तों के ढेर लगे हैं और गंदगी जमा है। इससे शहर की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है। शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए नगर निगम की ओर से किए जा रहे प्रयासों की हवा निकलती दिख रही है। जब से शहर में सफाई का ठेका खत्म हुआ है तभी से शहर में सफाई नहीं होने से इसको आगे बढ़ाने का काम ठंडे बस्ते में है। क्योंकि नगर निगम के पास इतने कर्मचारी भी नहीं हैं जो कि सफाई व्यवस्था को ठीक कर सकें।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम की ओर से एक निजी कंपनी को दिए गए सफाई के ठेके का समय समाप्त हो चुका है। इसके बाद अब ठेका आगे नहीं बढ़ाया गया, इस कारण शहर में मशीनों के जरिये होने वाली पूरी तरह से बंद होने के कारण शहर की सड़कों पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नगर निगम के पास जो भी कर्मचारी हैं वो भी सफाई ठीक प्रकार से नहीं कर रहे हैं। सिर्फ खानापूर्ति करके काम चला रहे हैं।
वहीं इस काम के दिखावे के लिए नगर निगम के उच्चाअधिकारियों और मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के इलाके में सफाई करके चले जाते हैं। रविवार को छुट्टी के दिन सफाई नहीं होती है। इससे शहर में कचरा पड़ा रहने के कारण हाल बेहाल हो जाता है। नगर निगम की ओर से बेशक सफाई बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्ति करके सफाई व्यवस्था साफ सुथरी होने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन शहर के हालातों को देखते हुए यह दावे सिर्फ हवा साबित हो रहे हैं। शहर की हर प्रमुख सड़क पर लगे कचरे और सूखे पत्तों के ढेरों से साफ दिख रहा है कि शहर की साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।