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चंडीगढ़ में टोल प्लाजा पर फास्ट टैग ट्रायल, 35% लोगों ने लगवाए, आप भी इस तारीख से पहले लगवा लें

Wed, 04 Dec 2019 11:29 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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15 दिसंबर से राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले सभी चार पहिया वाहनों पर फास्टैग लगाना अनिवार्य हो गया है। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगा होगा और वह वाहन गलती से भी फास्टैग वाली लेन में आ जाता है तो उसे दोगुना टोल देना होगा। दप्पर टोल प्लाजा पर फास्टैग के लिए दोनों ओर के 4-4 लेन चलाई जाएगी, जबकि कैश काउंटर के लिए दोनों ओर की बीच वाली 5 व 6 नंबर लेन रहेगी।
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फास्टैग के कई फायदे भी हैं। इसे लगाने के बाद टोल की लाइन में नहीं लगना होगा। समय के साथ तेल भी बचेगा। अब सवाल है कि फास्टैग कहां से और कैसे मिलेगा। ऑनलाइन कैसे मिलेगा तो ऑफलाइन के लिए कहां जाना पड़ेगा। मदद के लिए कहां संपर्क करना पड़ेगा। ऐसे कई सवालों के जवाब आज हम दे रहे हैं।

क्या है फास्टैग
फास्टैग इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक है। इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन का इस्तेमाल होता है। इसे वाहन के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है। जैसे ही आपकी गाड़ी टोल प्लाजा के पास आती है, तो टोल प्लाजा पर लगा सेंसर आपके वाहन के विंडस्क्रीन पर लगे फास्टैग को ट्रैक कर लेता है। इसके बाद आपके फास्टैग अकाउंट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क कट जाता है। इस तरह आप टोल प्लाजा पर रुके बगैर शुल्क का भुगतान हो जाता है। वाहन में लगा यह टैग आपके प्रीपेड खाते के सक्रिय होते ही अपना काम शुरू कर देगा।
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किसे लगाना होगा और कहां से लें
जिन लोगों ने हाल ही में नए वाहन खरीदें हैं, उन्हें फास्टैग रजिस्ट्रेशन के वक्त उपलब्ध कराया जाएगा। यदि आपके पास पुरानी कार है तो आप उन बैंकों से खरीद सकते हैं, जो सरकार के राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह कार्यक्रम से अधिकृत हैं। इन बैंकों में सिंडिकेट बैंक, एक्सिस बैंक, आईडीएफसी बैंक, एचडीएफसी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, फेडरेल बैंक, पीएनबी, साउथ इंडियन बैंक, पेटीएम पेमेंट बैंक और इंडियन साउथ बैंक शामिल हैं।

फास्टैग खरीदने के लिए टोल प्वाइंट पर जा सकते हैं। एमेजॉन, एयरटेल और पेटीएम से भी आनलाइन खरीद सकते हैं। लंबी कतारों में लगने और समय बचाने के लिए इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना आसान है। आवेदन की प्रक्रिया हर बैंक की अलग होती है, लेकिन अधिकतर बातें कॉमन होती हैं।

ऑनलाइन आवेदन की यह है प्रक्रिया

1. फास्टैग प्रीपेड खाता खोलने के लिए बैंक की ऑनलाइन फास्टैग एप्लिकेशन वेबसाइट पर जाएं। आनलाइन आवेदन के लिए बैंक के साथ संबंध होना जरूरी नहीं है।
2. खिड़की खुलते ही पर्सनल जानकारी नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी भरना होगा।
3. केवाईसी दस्तावेज विवरण (ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, या आधार कार्ड) दर्ज करें.
4. वाहन पंजीकरण (आरसी) विवरण दर्ज करें।
5. सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करें। इनमें केवाईसी दस्तावेज, वाहन मालिक की एक पासपोर्ट साइज फोटो और आरसी शामिल है।
6. आवेदन जमा करने के बाद फास्टैग अकाउंट बन जाएगा।
7. क्रेडिट/डेबिट/ एनईएफटी/ आरटीजीएस का उपयोग करके या नेट बैंकिंग के माध्यम से अपने खाते को रिचार्ज कर सकते हैं।
8. सबकुछ वैरिफाई होने के बाद बैंक से कॉल आएगा और आपके पते पर फास्टैग भेज दिया जाएगा।
9. असमंजस की स्थिति पर बैंक के टोलफ्री नंबर पर काल कर सकते हैं।

फास्टैग का ट्रायल शुरू, लगा लंबा जाम
जीरकपुर के अजीजपुर और दप्पर टोल प्लाजा पर फास्ट टैग का ट्रायल शुरू हो गया है। यह ट्रायल 14 दिसंबर तक चलेगा। मंगलवार को अंबाला-चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित दप्पर टोल प्लाजा पर मंगलवार को एक घंटे का फास्टैग ट्रायल चलाया गया। इस दौरान टोल प्लाजा पर दोनों ओर कैश कांउटर लेन पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। जिसके चलते राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

दप्पर टोल प्लाजा अधिकारी दीपक अरोड़ा ने बताया कि 15 दिसंबर से नई फास्टैग सुविधा को लेकर राहगीरों को जागरूक करने को लेकर करीब एक घंटे का ट्रायल दोपहर 12.15 से 1.30 बजे तक चला। इस दौरान अंबाला व चंडीगढ़ दोनो ओर की फास्टैग की चारों लेन को फास्टैग के लिए, जबकि पांच व छह नंबर वाली लेन को कैश काउंटर के लिए चलाया गया। ट्रायल दौरान दोनों ओर कैश काउंटर लेन पर 350-350 मीटर की दूरी तक वाहनों की कतारें लग गई, जिसके चलते लोगों को काफी परेशानी आई।
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घंटों लाइन में लगने के बाद भी नही मिल रहे फास्टैग कार्ड

दप्पर टोल प्लाजा पर फास्टैगकार्ड जारी करने के लिए आईसीआईसी बैंक, एयरटेल, पेटीएम और आईएचएमसीएल के काउंटर खुले हुए हैं, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद भी बहुत से लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा है। काउंटर पर खड़े कर्म सिंह, अजय निवासी अंबाला, रोहित बलदेव नगर ने बताया कि कार्ड लेने के लिए लोगों को करीब एक-एक घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। शाम 3 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन जब बारी आई तो पता चला कि कार्ड खत्म हो चुके हैं। एयरटेल व पेटीएम काउंटर अधिकारियों ने बताया कि एक दिन में वे करीब 150 कार्ड बनाते हैं। एक कार्ड बनाने में करीब 10 से 15 मिनट तक का समय लगता है।

टोल प्लाजा पर नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी
एनएचएआई की ओर से टोल पर नोडल अधिकारी को नियुक्त किया गया है। वे पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग करेंगे। फास्टैग से जुड़ी कई दिक्कतें जैसे फास्टैग का ठीक से स्कैन नहीं होना, फास्टैग का डैमेज या टूटने पर या फिर अकाउंट में पैसा होने पर टोल नहीं दे पाने जैसी दिक्कतों को आप एक फोन कॉल के जरिए सुलझा सकते हैं। नेशनल हाइवे अथॉरिटी के नेशनल हेल्पलाइन नंबर 1033 पर कॉल करके या हाईवे अथॉरिटी की वेबसाइट या माईफ़ास्टैग मोबाइल ऐप के जरिए फास्टैग से जुड़ी दिक्कतों को दूर कर सकते हैं।

...तो अकाउंट हो जाएगा ब्लैक लिस्टेड
फास्टैग स्टीकर लगने के बाद आपको एक आइडी मिलेगी, जो आपका अकाउंट होगा। उक्त अकाउंट में आपकों कम से कम 150 रुपये बैलेंस रखना होगा। यदि आप बैलेंस नहीं रखते तो अकाउंट ब्लैक लिस्ट हो जाएगा। उदाहरण के लिए आपने यदि 500 रुपये का रिचार्ज करवा रखा है तो वो आपके फास्टैग अकाउंट में चले जाएंगे। फिर आप जिस-जिस टोल से निकलेंगे, आपके अकाउंट से पैसे कटते जाएंगे। अगर आपके अकाउंट मे बैलेंस खत्म होने वाला हो तो किसी भी टोल प्लाजा से रिचार्ज करवा सकते हैं।

मंथली पास भी होंगे स्टीकर में कन्वर्ट
अजीजपुर टोल प्लाजा की 20 किलोमीटर की हद में आने वाले क्षेत्र के जिन लोगों ने मंथली पास बनवा रखे हैं, उन्हें अब निरस्त कर दिया जाएगा। उन्हें भी फास्टैग स्टीकर लगाना होगा। ये स्टीकर पास की तरह ही काम करेगा। 20 किलोमीटर की हद के अंदर वालों के लिए पास 265 रुपये चुकाना होगा। अजीजपुर टोल प्लाजा के मैनेजर चंद्रपाल सिंह ने बताया कि 15 तारीख से पहले वो अपने कार्ड जमा करवा दें, जिसके बाद उनके वाहन पर स्टीकर लगेगा। इससे जाम से मुक्ति और कैशलेस हो सकेगा। टोल मुक्त विशेष व्यक्तियों को एनएचएआई से विशेष फास्टैग चिप हासिल करनी होगी।
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