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मोहाली में जश्न: कृषि कानून वापस लेने के फैसले पर खुशी के साथ छलका अपनों को खोने का गम

Sat, 20 Nov 2021 09:35 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी/अमर उजाला, नयागांव/मोहाली

सार

किसानों ने साफ कहा कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद जश्न जरूर मनाया गया, पर यह एक अधूरी जीत है। हमें आंदोलन को मजबूत करना है, जब तक लोकसभा में किसानों की सभी मांगों को मंजूरी नहीं मिल जाती मोर्चा जारी रहेगा।
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मोहाली में जश्न मनाते किसान समर्थक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री की ओर से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान के बाद चंडीगढ़ में नयागांव के किसान नेताओं ने विजय यात्रा निकाली। इसमें किसानों में एक तरफ जहां खुशी की लहर थी, वहीं अपनों के खोने का गम भी था। विजय यात्रा निकालने से पहले किसान गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक हुए। 

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कृषि कानूनों के विरोध में हो रहे आंदोलन में अब तक लगभग 700 किसानों ने अपनी जान गंवा दी है। विजय यात्रा निकालने से पहले किसानों ने मौन रहकर जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी। गुरुद्वारा बड़ साहिब में माथा टेकते समय कई किसान नेताओं की आंखों में आंसू झलक पड़े। आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को याद करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि यह पूरे भारतवर्ष के किसानों के लिए एक खुशी का दिन है। सबकी एकता एवं आंदोलन की पवित्रता और सच्चाई के कारण ही आज सरकार को यह फैसला लेना पड़ा है। यह विजय रथ चंडीगढ़ के खुड्डा अली शेर से शुरू होकर नयागांव के शिवालिक बिहार, करोर रोड, नाड़ा रोड एवं मुख्य बाजार होते हुए गुरुद्वारा बड़ साहिब पहुंचा। जहां पर किसान नेताओं ने गुरु पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारे में माथा टेका और मारे गए किसानों के लिए श्रद्धांजलि देते हुए 2 मिनट का मौन रखा। यह विजय रथ गुरुद्वारा बर साहिब से मटका चौक चंडीगढ़ के लिए रवाना हुआ।

माजरी के गुरुद्वारे में माथा टेककर किया शुकराना अदा
ब्लॉक माजरी में किसानों ने गुरुद्वारे में माथा टेक गुरु ग्रंथ साहिब जी का शुकराना अदा किया। इस अवसर पर रविंद्र सिंह वजीदपुरिया ने कहा कि कृषि कानून वापस होने से केंद्र को पंजाबियों के हौसले का एहसास हुआ है। वहीं, पंजाब की नई पीढ़ी को अपने हकों की पहचान हुई है। केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानून वापस लिए जाने पर पंजाब में सियासी समीकरण भी बदलेंगे। इस अवसर पर मुख्य सेवादार हरजीत सिंह हरमन, प्रचारक चरणजीत सिंह, गुरमीत सिंह, सुखदेव सिंह, हरजिंदर सिंह, मेजर सिंह सहित अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।  
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मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन ने बांटे लड्डू 
शिव शक्ति मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन विकास नगर, नयागांव की तरफ से कृषि कानून रद्द होने के फैसले की खुशी में लड्डू बांटे गए। मार्केट के सदस्यों की तरफ से एक दूसरे की दुकान पर जाकर मुंह मीठा कराकर खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर शिव शक्ति मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्य कार्तिक, शिखा राणा, अश्विनी कुमार, तरलोचन सिंह, अरुण प्रधान सहित अन्य उपस्थित रहे। 

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मोहाली के किसान सौ ट्रैक्टर ट्राली लेकर दिल्ली करेंगे कूच

कृषि कानूनों के वापस लिए जाने के फैसले से मोहाली में जश्न का माहौल है। अब किसानों द्वारा 26 नवंबर को दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 100 ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करने की तैयारियां की जा रही हैं। बेस्टेक पक्का मोर्चा के किसानों का कहना है कि सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन के जरिए बताया जा रहा है कि हम जीत की तरफ जा रहे हैं। जब तक संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़ी 32 जत्थेबंदियों को केंद्र सरकार की ओर से लिखित तौर पर पत्र जारी नहीं होता तब तक मोहाली में चल रहे किसान मोर्चा जारी रखे जाएंगे। 29 नवंबर को लोकसभा के सेशन के बाद यह ही निर्णय लिया जाएगा कि सरकार किन शर्तों के साथ कानून रद्द कर रही है। ऐसे में सरकार की बात पर यकीन नहीं किया जा सकता। लोकसभा सेशन को ध्यान में रखते हुए मोहाली के किसानों ने यह फैसला किया है। ऐसे में मोहाली के साथ लगते गांवों के किसानों को अपील की जा रही है कि वे अपने ट्रैक्टर ट्राली लेकर 26 नवंबर 2020 की तरह इस साल भी रैली में शामिल हों। 

अभी यह हमारी अधूरी जीत 
पक्का मोर्चा का नेतृत्व कर रहे गुरप्रीत सिंह धालीवाल ने कहा कि बेस्टेक पक्का मोर्चा के किसानों द्वारा प्रधानमंत्री के बयान के बाद जश्न जरूर मनाया गया, पर यह एक अधूरी जीत है। हमें आंदोलन को मजबूत करना है, जब तक लोकसभा में किसानों की सभी मांगों को मंजूरी नहीं मिल जाती मोर्चा जारी रहेगा। वहीं, यह जीत 700 किसानों के शहीद हो जाने के बाद मिली है, जो खुशी को आधा कर देती है। उन किसानों की आत्मा को तभी शांति मिलेगी जब किसानों के द्वारा उठाई गई सभी मांगों को केंद्र सरकार लिखित तौर पर मंजूरी नहीं कर देती। 

किसानों की जीत : जिले में जश्न का माहौल, डाला भांगड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीन खेती कानूनों को वापस लेने के एलान से जिले में खुशी का माहौल है। इलाके में विभिन्न जगह पर किसानों व आम लोगों ने लड्डू बांटकर व भांगड़ा डालकर खुशी मनाई। किसानों ने इसे बड़ी जीत बताया। जबकि किसान नेताओं का कहना है कि जब तक संसद में उक्त खेती कानूनों को रद्द नहीं किया जाता है, उस समय तक संघर्ष जारी रहेगा।
शहर के फेज-3-पांच के चौक पर खड़े होकर कृषि कानूनों का विरोध करने वालों ने कानून वापस लिए जाने की खुशी में भांगड़ा डालकर खुशी मर्नाई। इस दौरान समर्थकों की तरफ से ढोली बुलाया गया था। गुरुद्वारा सिंह शहीदां सोहाना के बाहर लगे पक्के मोर्चे पर भी सरकार द्वारा कानून वापस लिए जाने के एलान पर खुशी जताई गई। यहां पर कृषि कानूनों के विरोध में 167 दिनों से हड़ताल चल रही है। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक कानून वापस नहीं लिए जाते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर भूख हड़ताल में तर्कशील सोसाइटी पंजाब चंडीगढ़ की तरफ से जोगा सिंह, प्रेम सिंह, सतनाम दाऊं,  भजन दास, ज्ञान चंद, जोगिंदर सिंह व भाग सिंह शामिल थे।

आजाद ग्रुप के नेताओं ने भी मनाई खुशी
इस मौके आजाद ग्रुप के नेता एवं पूर्व मेयर कुलवंत सिंह की अगुवाई में कृषि कानून वापस लेने की खुशी में मिठाई बांटी गई। कुलवंत सिंह ने कहा कि भले ही प्रधानमंत्री ने इस संबंधी फैसला करने में देरी कर दी, लेकिन यह उचित फैसला है। उन्होंने कहा कि कानून वापस लेने का फैसला काफी समय पहले लिया जाना चाहिए था। किसानों ने भरपूर अन्न भंडार भरा है। सरकार किसानों को किसानों की अन्य मांगों को भी पूरा कर देना चाहिए।

बीजेपी नेताओं ने बांटे लड्डू
प्रधानमंत्री द्वारा तीन कृषि कानून वापस लिए जाने के एलान से जिले में सुस्त पड़ी बीजेपी में भी जान फूंक दी। इस दौरान भाजपा के कार्यकारी मेंबर व कारोबारी संजीव वशिष्ट की अगुवाई में फेज-3-5 की लाइटों पर किसान समर्थकों को लड्डू बांटे गए। उन्होंने कहा कि उक्त फैसले से लोगों में खुशी का माहौल है। इस मौके पर पूर्व पार्षद अशोक झा, अनिल कुमार गुड्डू, जसविंदर सिंह, राखी पाठ, संजीव जोशी, उमा कांत तिवारी, डॉ. रमन शैली, नवनीत शर्मा, वरिंदर कुमार हाजिर थे।
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