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सेहत की सौगात: राजस्थान और पीजीआई की दौड़ होगी खत्म, न्यू चंडीगढ़ में ही होगा कैंसर का इलाज

Thu, 18 Aug 2022 02:09 PM IST
निवेदिता वर्मा अमर उजाला/ संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली/मुल्लांपुर

सार

होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर 40547 वर्ग मीटर में बनाया गया है। इसमें 300 बेड हैं। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे सात राज्यों को इसका लाभ मिलना है। पहले चरण की सेवाएं इस अस्पताल में शुरू कर दी गई हैं।
 
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होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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पंजाब के कैंसर के मरीजों को अब इलाज के लिए राजस्थान या पीजीआई चंडीगढ़ के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। उन्हें न्यू चंडीगढ़ में ही बढ़िया इलाज सस्ते दामों पर मिल जाएगा। करीब नौ साल के लंबे इंतजार के बाद मोहाली में होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर अब पूरी तरह से शुरू हो जाएगा। 24 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शुभारंभ करेंगे। हालांकि अस्पताल में जून से ही इलाज शुरू हो गया था और अस्पताल में प्रथम चरण की सेवाएं मरीजों को दी जा रही हैं।

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होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर का तोहफा साल 2013 में उस समय मिला था, जब डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। तब राज्य में अकाली-भाजपा की सरकार थी। उस समय कैंसर की बीमारी ने पूरे पंजाब में कहर मचाया हुआ था। मालवा क्षेत्र में हालत काफी चिंताजनक बने हुए थे। उस समय केंद्र ने यह आधुनिक अस्पताल पंजाब को दिया था। पंजाब सरकार ने मेडिसिटी-1 में 50 एकड़ जगह अस्पताल के लिए फ्री में दी थी। यह भी एक संयोग है कि चंडीगढ़ के पहले प्रोजेक्ट का शुभारंभ तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने किया था। वहीं न्यू चंडीगढ़ के पहले प्रोजेक्ट का शुभारंभ प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने किया था। 

अस्पताल केंद्र सरकार द्वारा 663.74 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। पहले अस्पताल 2018 में शुरू होना था लेकिन टेंडर में देरी हुई। फिर चुनाव व कंस्ट्रक्शन मेटीरियल की कमी के चलते प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी पड़ी। कई बार प्रोजेक्ट के संपन्न होने की तारीख बदली गई। नवंबर 2021 एवं बाद में जनवरी 2022 में शुरू करने की भी योजना थी। 

सात राज्यों के लोगों को मिलेगा अस्पताल का फायदा

अस्पताल 40547 वर्ग मीटर में बनाया गया है। इसमें 300 बेड हैं। पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे सात राज्यों को इसका लाभ मिलना है। पहले चरण की सेवाएं इस अस्पताल में शुरू कर दी गई हैं। इसमें रेडियोलॉजी, रेडियोथेरेपी, मेडिकल आंकोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी एवं प्रीवेंटिव आंकोलॉजी की सेवाएं अभी लोगों को मिल रही हैं।

40 डॉक्टरों की टीम संभाले हुए हैं मोर्चा

अस्पताल केंद्र सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग ने शुरू किया है। इसमें अभी 40 डॉक्टरों की टीम ने मोर्चा संभाल रखा है। डॉक्टरों की संख्या जरूरत के अनुसार बढ़ती रहेगी। अभी अस्पताल में रोज 25 से 30 मरीजों को देखा जा रहा है। इस अस्पताल में कैंसर से संबंधित इलाज के अलावा रिसर्च एवं शिक्षा का काम भी किया जाएगा जिससे इलाके के लोगों को कैंसर के इलाज के अलावा इसकी रोकथाम संबंधी रिसर्च एवं जानकारी में भी सहायता मिलेगी। एक जुलाई को डॉक्टर डे के अवसर पर अस्पताल में रेडियोथेरेपी की एक नई यूनिट की शुरुआत की गई थी। इस यूनिट की शुरुआत के बाद अस्पताल में प्रतिदिन 125 मरीजों की जांच की क्षमता हो गई थी। इसके अलावा कैंसर के मरीजों की सर्जरी की व्यवस्था की गई है है। इसके लिए अब ऑपरेशन थिएटर भी शुरू कर दिए जाएंगे। 

प्रिवेंटिव आंकोलॉजी से इलाके को मिल रही हैं बेहतर सेवाएं

प्रिवेंटिव आंकोलॉजी के तहत अस्पताल की कई टीमें काम कर रही हैं। टीमों के द्वारा ग्रामीण इलाकों में शिविर लगाए जाते हैं। शिविर में लोगों को कैंसर के प्रारंभिक लक्षण एवं उसके उपचार के बारे में जागरूक किया जाता है। इसके अलावा प्रारंभिक लक्षणों वाले व्यक्तियों की जांच की जाती है। अगर उनमें किसी प्रकार के कैंसर की पुष्टि होती है तो उनको इलाज से संबंधित सभी जानकारियां भी दी जाती है। आने वाले समय में यह टीमें इलाके में कैंसर के रोकथाम के लिए काफी मददगार साबित होंगी।

पंजाब को कैंसर अस्पताल की जरूरत क्यों पड़ी

पंजाब सरकार द्वारा किए गए एक अध्ययन में पता चला था कि पंजाब के बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में कैंसर के बड़ी संख्या में मरीज हैं। अध्ययन में पता चला था कि 1 लाख की आबादी में से 125.4 लोगों को कैंसर था। इसमें से 51 मरीज प्रति लाख के हिसाब से मृत्यु भी हो रही थी।

2005 में पंजाब के 4 जिलों के किए गए सर्वे के आंकड़े

जिला           कैंसर के मरीज    प्रति लाख मरीज

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मुक्तसर             453                     54.7
बठिंडा                711                     59.2
फरीदकोट           164                      28
मानसा               420                     57.4

 

अस्पताल में प्रथम चरण की सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। अस्पताल का औपचारिक उद्घाटन किया जा रहा है। यह अस्पताल केंद्र सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सेवाएं देना है। यह अस्पताल उत्तरी भारत में कैंसर की रोकथाम के लिए एक बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। -डॉ. आशीष गुलिया, डिप्टी डायरेक्टर, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर

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