मोहाली। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर), मोहाली में आयोजित एक समारोह के दौरान सीमा सुरक्षा बल की पश्चिमी कमान के सेवारत एवं सेवानिवृत्त बीएसएफ कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम के दौरान सेवारत एवं सेवानिवृत्त बीएसएफ कार्मिक उपस्थित थे। पुलिस कर्मियों सहित कुल 37 अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और अन्य रैंकों को विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शांति एवं युद्ध के समय भारत-पाकिस्तान तथा भारत-बांग्लादेश सीमाओं की प्रभावी सुरक्षा में बीएसएफ अधिकारियों एवं जवानों के योगदान की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने संसदीय एवं विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य सरकारों के साथ कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता करने में बल के योगदान एवं सहायता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बीएसएफ न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में भी पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा, आज न केवल गर्व और सम्मान का क्षण है, बल्कि यह हमें यह याद दिलाने का भी क्षण है कि हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले इन बहादुर सैनिकों के समर्पण और प्रतिबद्धता ने देशवासियों को सुरक्षित जीवन जीने का अवसर दिया। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से बीएसएफ को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल न केवल भारत की ‘प्रथम रक्षा पंक्ति’ है, बल्कि 2.70 लाख सैनिकों के साथ यह विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल भी है। इसकी स्थापना 1 दिसंबर 1965 को हुई थी और तब से यह बल भारत की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल की 193 बटालियन और 07 आर्टिलरी रेजिमेंट तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, सीमा सुरक्षा बल को कश्मीर घाटी में घुसपैठ विरोधी अभियानों, पूर्वोत्तर क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों तथा भारत-पाकिस्तान और भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित संगठित चौकियों पर तैनात किया गया है। इससे पहले, सतीश एस. खंडारे, आईपीएस, एडीजी. बीएसएफ पश्चिमी कमान ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने श्रोताओं को बीएसएफ के गौरवशाली अतीत के बारे में बताया तथा कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह, डीजीपी पंजाब गौरव यादव, एसएएस नगर की उपायुक्त आशिका जैन, एसएसपी दीपक पारीक और मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के नागरिक एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने पदक प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को बधाई दी और उन्हें एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि पुलिस पदक उन केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस कर्मियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने 18 वर्ष से अधिक समय तक देश को असाधारण और त्रुटिहीन सेवा प्रदान की हो। यह तीसरी बार है जब यह कार्यक्रम पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक की अध्यक्षता में ट्राइसिटी में आयोजित किया गया।
बीएसएफ और पुलिस में बेहतर तालमेल
पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बीएसएफ और पंजाब पुलिस के बीच बेहतरीन कार्डिनेशन है। इसकी बदौलत ही पंजाब सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन के माध्यम से भेजी जाने वाली खेप को पकड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से ही हथियारों को भी पकड़ा जा रहा है।
-विशिष्ट सेवा के लिए आयोजित किया पुलिस पदक वितरण समारोह-पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने नाइपर में दिए यह पदक
माई सिटी रिपोर्टर
मोहाली। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर), मोहाली में आयोजित एक समारोह के दौरान सीमा सुरक्षा बल की पश्चिमी कमान के सेवारत एवं सेवानिवृत्त बीएसएफ कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम के दौरान सेवारत एवं सेवानिवृत्त बीएसएफ कार्मिक उपस्थित थे। पुलिस कर्मियों सहित कुल 37 अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और अन्य रैंकों को विशिष्ट सेवाओं के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया।
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शांति एवं युद्ध के समय भारत-पाकिस्तान तथा भारत-बांग्लादेश सीमाओं की प्रभावी सुरक्षा में बीएसएफ अधिकारियों एवं जवानों के योगदान की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने संसदीय एवं विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य सरकारों के साथ कानून एवं व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने तथा आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता करने में बल के योगदान एवं सहायता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि बीएसएफ न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करती है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में भी पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने कहा, आज न केवल गर्व और सम्मान का क्षण है, बल्कि यह हमें यह याद दिलाने का भी क्षण है कि हमारी सीमाओं की रक्षा करने वाले इन बहादुर सैनिकों के समर्पण और प्रतिबद्धता ने देशवासियों को सुरक्षित जीवन जीने का अवसर दिया। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों की ओर से बीएसएफ को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल न केवल भारत की ‘प्रथम रक्षा पंक्ति’ है, बल्कि 2.70 लाख सैनिकों के साथ यह विश्व का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल भी है। इसकी स्थापना 1 दिसंबर 1965 को हुई थी और तब से यह बल भारत की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के लिए सीमा सुरक्षा बल की 193 बटालियन और 07 आर्टिलरी रेजिमेंट तैनात हैं। इसके अतिरिक्त, सीमा सुरक्षा बल को कश्मीर घाटी में घुसपैठ विरोधी अभियानों, पूर्वोत्तर क्षेत्र में आंतरिक सुरक्षा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों तथा भारत-पाकिस्तान और भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित संगठित चौकियों पर तैनात किया गया है। इससे पहले, सतीश एस. खंडारे, आईपीएस, एडीजी. बीएसएफ पश्चिमी कमान ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। उन्होंने श्रोताओं को बीएसएफ के गौरवशाली अतीत के बारे में बताया तथा कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले बल के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह, डीजीपी पंजाब गौरव यादव, एसएएस नगर की उपायुक्त आशिका जैन, एसएसपी दीपक पारीक और मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के नागरिक एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने पदक प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों/कर्मचारियों को बधाई दी और उन्हें एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
उल्लेखनीय है कि पुलिस पदक उन केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस कर्मियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने 18 वर्ष से अधिक समय तक देश को असाधारण और त्रुटिहीन सेवा प्रदान की हो। यह तीसरी बार है जब यह कार्यक्रम पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक की अध्यक्षता में ट्राइसिटी में आयोजित किया गया।
बीएसएफ और पुलिस में बेहतर तालमेल
पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बीएसएफ और पंजाब पुलिस के बीच बेहतरीन कार्डिनेशन है। इसकी बदौलत ही पंजाब सीमा से सटे इलाकों में ड्रोन के माध्यम से भेजी जाने वाली खेप को पकड़ा जा रहा है। इसके माध्यम से ही हथियारों को भी पकड़ा जा रहा है।