मोहाली। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) सोनम चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे को अलग करने के लिए सबसे पहले खरड़ ब्लॉक के गांव मदनहेड़ी में प्लास्टिक कचरा पृथक्करण संयंत्र जल्द ही लगाया जाएगा जो मोहाली के गांवों को भी सेवाएं देगा। ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा बैठक लेते हुए बुधवार को जिला प्रशासनिक परिसर के मीटिंग हॉल में एडीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में ठोस और ग्रामीण कचरा प्रमुख मुद्दा बन गया है और हम जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग की मदद से ठोस और गीले कचरे के निपटान के लिए विभिन्न तरीकों को अपना रहे हैं। जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग द्वारा मदनहेड़ी में स्थापित किया जा रहा प्लास्टिक कचरा प्लांट प्लास्टिक सामग्री को गांठों में करने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जिससे खुले बाजार में बिक्री होगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, मार्च के अंत तक 78 गांवों को सूखे और गीले कचरे के मुद्दों को उचित तरीके से हल करके स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ओडीएफ प्लस का टैग मिलेगा। जिससे उन्हें आदर्श गांव बनाया जा सके। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्रीमती चौधरी ने मोहाली और डेराबस्सी ब्लॉक के ब्लॉक विकास और पंचायत अधिकारियों को फरवरी के मध्य तक अपने-अपने ब्लॉक में ग्रामीण पुस्तकालयों का निर्माण और परिष्करण पूरा करने के लिए कहा ताकि फरवरी के अंत तक इन्हें कार्यात्मक बनाया जा सके। दोनों ब्लॉकों में छह-छह पुस्तकालय हैं। संवाद