अगर आप वीआईपी जिले में प्लॉट या फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे है तो अलर्ट हो जाएं। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) ने लोगों को सलाह दी है कि प्रॉपटी में निवेश से पहले यह बात चेक कर ले कि प्रोजेक्ट पंजाब स्टेट रियल स्टेट रेगुलेटरी अथारिटी से रजिस्टर है भी या नहीं। दूसरी तरफ लोगों को को सलाह दी कि है कि वह प्रमोटरों केे विज्ञापन के चक्कर में न आकर प्रोजेक्ट की वास्तविकता चेक कर लें क्योंकि कुछ प्रमोटर इस तरीके से खुद को पेश करते हैं। जैसे सरकार की तरफ से ही कोई स्कीम निकाली गई हो। ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं।
जानकारी के मुताबिक कुछ समय पहले गमाडा अधिकारियों के ध्यान में आया है कि गमाडा द्वारा कई प्रमोटरों को पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट 2014 के अधीन लाइसेंस जारी किए गए हैं। लेकिन उक्त लोग अपनी स्कीमों के प्रचार करने में नियमों को ताक पर रख रहे हैं। प्रमोटर अपने विज्ञापन में मंजूर ले आउट प्लान में दर्शाए डेवलपर के नाम उल्लेख किए बिना संचार साधनों पर विज्ञापन चला रहे हैं जिससे लोगों के सामने भ्रम की स्थिति बन जाती है। गमाडा ने लोगों को पूरी तरह छानबीन करने के बाद ही निवेश की सलाह दी है।
दूसरी तरफ गमाडा ने कुछ ऐसी कंपनियों का पड़ताल की है जो नियमों के मुताबिक कार्रवाई नहीं कर रही है। गमाडा के अधिकारियों का कहना है कि कंपनियों द्वारा यदि सुधार नहीं किया जाता है तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि गमाडा के अधीन मोहाली से लेकर पटियाला, फतेहगढ़ साहिब व रोपड़ तक का क्षेत्र आता है। इलाके में कई नामी प्रमोटरों के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। दूसरी तरफ कुछ समय एक यह भी ट्रेंड देखने को मिला है कि मोहाली में अधिक लोग बसना चाह रहे हैं। इतना ही नहीं एनआरआई लोग भी जहां अधिक निवेश कर रहे हैं। हीं, इस चक्कर में शातिर लोग भी सक्रिय हैं जो लोगों को निशाना बना रहे हैं।