मोहाली। एयरपोर्ट रोड पर दो बच्चियां लावारिस हालत में पुलिस को मिलीं। जिन्हें बलौंगी पीसीआर ने कई घंटों की मेहनत के बाद उनके परिजनों का पता लगाकर उनके पास पहुंचाया। मां के डांटने पर एक बच्ची घर से आ गई थीं। पड़ोस में रहने वाली दूसरी बच्ची को भी उसने साथ ले लिया था। बच्चियों को लावारिस हालत में घूमते देख गांव बल्लो माजरा के सरपंच ने पुलिस को सूचना दी थी।
बलौंगी पीसीआर-27 ने 4 घंटे की मेहनत के बाद दो बच्चियों को उनके परिजनों तक पहुंचाया। पीसीआर को गांव बल्लो माजरा के सरपंच ने सूचना दी कि एयरपोर्ट रोड पर केएफसी के पास दो बच्चियां लावारिस हालत में मिली हैं। आसपास के लोगों ने दोनों बच्चियों को बैठाया। 6 साल की लक्ष्मी और 4 साल की सलोनी अपना नाम और माता-पिता का नाम तो बता रही थीं, लेकिन घर का पता नहीं बता पा रही थीं। बलौंगी पीसीआर सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची और बच्चियों को पीसीआर वाहन में बैठाकर बल्लो माजरा, दाऊं सहित आसपास के गांवों में घूमाना शुरू किया। पीसीआर मुलाजिम दोनों बच्चियों को लेकर करीब 4 घंटे तक आसपास के इलाकों में घूमते रहे। पीसीआर कर्मी बच्चियों को लेकर जब बलौंगी के आजाद नगर पहुंचे तो एक व्यक्ति ने बच्चियों की पहचान कर उनके घर का पता बताया। इसके बाद पीसीआर मुलाजिमों ने दोनों बच्चियों को उनके माता-पिता के हवाले किया। दरअसल 6 साल की लक्ष्मी को उसकी मां ने डांटा था। मां की डांट के बाद नाराज होकर लक्ष्मी घर से चली गई। उसने पड़ोस में रहने वाली 4 साल की सलोनी को भी अपने साथ ले लिया। दोनों बच्चियां पैदल ही घूमती हुई अपने घर से करीब 7 किलोमीटर दूर निकल गई थीं।