फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mohali News: फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को ठगने के मामले में तीन आरोपियों की जमानत मंजूर

विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी लोगों को ठगने के मामले में तीन आरोपियों एंथनी जॉयदीप गोम्स, अवनेर एंथोनी रोड्रिग्स उर्फ अवनेर रोड्रिग्स उर्फ अर्नव और सोमदेव पोद्दार उर्फ सोमदेव ने अपने-अपने वकील के माध्यम से जिला अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर की थी। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत की शर्तों पर तीनों की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। अदालत में तीनों के वकीलों ने तर्क दिया कि छह आरोपियों में से तीन आरोपियों को पहले ही जमानत दी जा चुकी है। यह तर्क दिया गया है कि आवेदक सामान्य पृष्ठभूमि से है और रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि आवेदक को गतिविधियों की जानकारी थी या वह किसी आपराधिक साजिश का हिस्सा था। यह तर्क दिया गया है कि अभियोजन का पूरा मामला एक गुप्त सूचना पर आधारित है। इसमें यह भी कहा गया है कि आवेदक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला है और उसके फरार होने या न्याय से भागने की कोई आशंका नहीं है। यह भी कहा गया है कि जांच पूरी हो चुकी है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन


एएसआई गुलशन कुमार ने अदालत में बयान दिया कि उनके रिकॉर्ड के अनुसार यह आरोपी आवेदक एंथनी जॉयदीप गोम्स उर्फ एंथनी गोम्स द्वारा दायर पहली जमानत याचिका है। वह मामले से संबंधित मूल रिकॉर्ड लेकर आए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी एंथनी जॉयदीप गोम्स उर्फ एंथनी गोम्स की गिरफ्तारी की तारीख 9 जुलाई 2025 है। वर्तमान मामला तीन व्यक्तियों रोहित मेहरा, अवनार उर्फ मैक्स और सोमदेव उर्फ रॉक के अलावा अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी एंथनी गोम्स (आवेदक), बुधभूषण कामले और जितेश शर्मा उर्फ जितेश कुमार को बाद में नामजद किया गया था, क्योंकि वे छापा मारने के समय मौके पर मौजूद थे। वह कार्यालय में कंप्यूटर सिस्टम चला रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान मामले में जांच के दौरान आरोपियों के कार्यालय से 6 लैपटॉप हेडफोन सहित, 6 लैपटॉप चार्जर, तीन मोबाइल फोन और दो मॉडम बरामद किए गए। उनके खिलाफ आईटी अधिनियम की धारा 66 सी, 66 डी के तहत अपराध में नामजद किया गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्राथमिकी के अलावा आरोपियों के खिलाफ कोई अन्य प्राथमिकी दर्ज नहीं है। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि आरोपी बाहरी राज्यों से है और अपनी जमानत के बाद वह फरार हो सकते हैं। उनका अपराध जमानत योग नहीं है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें