मोहाली। सेक्टर-90 से चप्पड़चिड़ी मार्ग पर प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड का काम शुरू होने और बरसाती-चो में गंदगी फेंकने का लोगों ने विरोध किया। चप्पड़चिड़ी मार्ग पर डंपिंग ग्राउंड में जेसीबी को रोककर लोगों ने नारेबाजी की। रविवार को नगर निगम ने जेसीबी से सफाई और निर्माण कार्य शुरू किया था, लेकिन सेक्टर-74 और 91 के लोगों ने बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि वे किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र में कचरे का पहाड़ नहीं बनने देंगे। यहां से उठने वाली बदबू, मच्छर-मक्खियों का प्रकोप और प्रदूषण से गंभीर बीमारियां फैलेंगी। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत सबसे ज्यादा खतरे में होगी। दूसरी तरफ गांव कंडाला, धर्मगढ़, कंबाली, सफीपुर और नडियाली के लोगों ने भी फेज-11 के चौराहे पर वाहन लगाकर जाम लगा दिया। यहां लोग बरसाती-चो में कचरे का डंप करने का विरोध कर रहे थे। धर्मगढ़ गांव के सरपंच कुलविंदर सिंह, कंडाला गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह, नडियाली गांव के सरपंच दविंदर सिंह, पंच सर्वजीत सिंह धर्मगढ़, सतविंदर सिंह, मोहन सिंह, पूर्व सरपंच ज्ञान सिंह, पंच सविंदर सिंह, हरिंदर सिंह, कर्मजीत सिंह लाला, गुरविंदर सिंह जग्गू धर्मगढ़, गुरविंदर सिंह कंबाली ने कहा कि वह अपने क्षेत्र में डंपिंग ग्राउंड नहीं बनने देंगे।
विधायक से भी हुई थी मुलाकात
चप्पड़चिड़ी मार्ग पर प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड मामले में कुछ नुमाइंदे शनिवार को विधायक कुलवंत सिंह से भी मिले थे। लोगों ने उनको इलाके की स्थिति से अवगत कराया था। लोगों का कहना है कि मुलाकात के दौरान विधायक ने साफ कहा था कि डंपिंग ग्राउंड यहीं बनाया जाएगा। निवासियों के मुताबिक यह बयान उनकी भावनाओं पर ठेस पहुंचाने वाला था। इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया। लोगों का कहना है कि स्पष्ट आदेशों के बावजूद डंपिंग ग्राउंड न हटाना अदालत की अवमानना और जनता के साथ धोखा है।
हाईकोर्ट का लंबा कानूनी सफर
2006 : स्थानीय निवासियों ने पहली बार हाईकोर्ट का रुख किया।
2012 : कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि डंपिंग ग्राउंड यहां से हटाया जाए।
2017-18 : प्रशासन की लापरवाही के चलते लोगों ने दोबारा केस डाला।
2024 : हाईकोर्ट ने हालात की गंभीरता देखते हुए एक कमिश्नर नियुक्त किया।
आज दौरे पर आएंगे हाईकोर्ट कमिश्नर
लोगों ने बताया कि हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त कमिश्नर मंगलवार को मोहाली आएंगे। शाम चार बजे निवासियों से मुलाकात कर उन्हें इलाके की असलियत दिखाई जाएगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे कमिश्नर के सामने प्रशासन की लापरवाही और कोर्ट के आदेशों की अनदेखी के सबूत पेश करेंगे। निवासियों ने प्रशासन से साफ कहा है कि इस फैसले को तुरंत रद्द किया जाए और डंपिंग ग्राउंड के लिए रिहायशी इलाकों से दूर कोई नया स्थान चुना जाए। चेतावनी दी गई है कि अगर काम जारी रहा तो आंदोलन उग्र होगा और इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
पहले भी गूंजा विरोध, शाहीमाजरा में गेट पर जड़े थे ताले
यह पहला मौका नहीं है जब मोहाली में डंपिंग ग्राउंड को लेकर जनता सड़क पर उतरी हो। इससे पहले फेज-5 शाहीमाजरा और फेज-4 के निवासियों ने भी अपने इलाके में बने डंपिंग ग्राउंड का जोरदार विरोध किया था। लोगों ने गेट पर ताले जड़ दिए थे और कई दिनों तक प्रदर्शन किया। भारी दबाव के बाद प्रशासन ने आश्वासन दिया कि शाहीमाजरा से डंपिंग ग्राउंड हटाया जाएगा। डंपिंग ग्राउंड का मुद्दा मोहाली में वर्षों से विवादों में घिरा हुआ है। 2006 से लेकर 2024 तक हाईकोर्ट बार-बार साफ आदेश दे चुका है कि यह डंपिंग ग्राउंड हटना चाहिए, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक अनदेखी के चलते स्थिति जस की तस बनी हुई है।
चप्पड़चिड़ी में जो डंपिंग प्रोसेसिंग प्लांट लगेगा, उसमें लेटेस्ट मॉडल टेक्नोलॉजी के हिसाब से लगेगा। उसमें किसी तरह की बदबू नहीं आएगी। हम स्थानीय निवासियों को मनाने की कोशिश कर रहें हैं। -परमिंदर पाल सिंह संधू, नगर निगम कमिश्नर