नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर अमर उजाला की ओर से करवाए गए वेबिनार के दौरान मोहाली में युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। युवाओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बलिदान को याद किया और नेताजी की ओर से लिए गए फैसलों को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि भारत को आजाद कराने में उनका बहुमूल्य योगदान रहा है।
स्कूल में फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के दौरान मैंने दो बार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तरह पोशाक पहनी थी। पता नहीं था कि उनका देश की आजादी में कितना बड़ा योगदान है। आज उनको याद कर जोश आ जाता है। अब मैं भारतीय सेना का हिस्सा बनकर अपने देश की सेवा करना चाहता हूं। -हरिओम
पंजाब में सुभाष चंद्र बोस के बारे में कुछ लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है कि उनका देश की आजादी में ज्यादा योगदान दिया है। उनके बारे में स्कूल की किताबों में पढ़ा है। उनका पहनावा अन्य स्वतंत्रता सेनानियों से अलग था। देश की आजादी के लिए जो लड़ाई लड़ी थी वह काबिलेतारीफ है। -अमनप्रीत सिंह
सुभाष चंद्र बोस आजाद भारत के उन लोगों में गिने जाते हैं, जिनमें देश के लिए कुछ कर दिखाने का जज्बा था। उनके बारे में पिछले एक हफ्ते से खबरों और अखबारों में पढ़ रही हूूं। ऐसे में उनके व्यक्तित्व को समझने में काफी मदद मिली है। उनका देश की आजादी में बड़ा योगदान है। -कंचन भारद्वाज।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सुभाष चंद्र बोस की जो प्रतिमा बनाने का फैसला लिया गया है, मैं उनकी प्रशंसा करता हूं। हमारे आजाद भारत में उनका बहुमूल्य योगदान रहा है। अगर नेताजी नहीं होते तो देश का युवा कभी नहीं जागता और हमारा देश गुलाम रहता। उनसे सभी युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। -हर्ष कुमार
सुभाष चंद्र बोस एक वीर और पराक्रमी नेता थे। देश को आजाद कराने में अहम योगदान दिया है। उनकी देशभक्ति आज भी युवाओं के दिलों में बसती है। सुभाषचंद्र बोस का हमारे देश को आजाद कराने में बहुत बड़ा योगदान रहा है। आज के युवाओं को भी कोशिश करनी चाहिए कि सब उनके बताए रास्ते पर चलें। - साबिर अली, छात्र
नेताजी राष्ट्र का गौरव हैं। भारती उपमहाद्वीप में महिला सशक्तिकरण में उनकी झांसी की रानी रेजिमेंट से सब परिचित हैं। नेताजी अपने विचारों से समानता की बात करते रहे हैं। नेताजी से युवाओं से सीख लेनी चाहिए। देश के लोगों को आजादी के लिए जागरूक किया है। -मुकेश साहनी, छात्र
नेताजी एक बेहद बुद्धिमान एवं साहसी व्यक्तित्व के व्यक्ति थे। अंग्रेजों ने उन्हें देखते ही खत्म कर देने का निर्णय लिया था। इसके बाद भी वह उनके सामने नहीं झुके। उनका देश के लिए जो योगदान रहा है, उससे सभी में देश भक्ति की भावना जागती है। उनका यह समर्पण हमें हमेशा देश की सेवा की याद दिलाता है। - तनुज, छात्र
नेताजी ने देश के लोगों को आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया। यह आज की पीढ़ी के लिए बहुत ही प्रेरणादायक है। उनके प्रयासों ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए। आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने हमें यह भी सिखाया कि हमें सिर्फ मांग ही नहीं करनी चाहिए अपितु जो कुछ भी हमें मिला है उसे सहेजना और संजोना भी हमारा कर्तव्य है। -तिशा, छात्रा