जीरकपुर। शुक्रवार को एडीसी (विकास विभाग) मोहाली पूजा स्याल ग्रेवाल ने बिल्डरों को उनका बकाया टैक्स जमा करवाने के आदेश दिए। यह बात उन्होंने बिल्डरों के साथ की गई एक मीटिंग में कही। इस दौरान एडवर्टाइजमेंट पॉलिसी, प्रोजेक्ट में एसटीपी प्लांट चालू करने और बिल्डरों को बकाया पड़े इडीसी और प्रॉपर्टी टैक्स को भरने के आदेश दिए गए, जिससे ताकि बिल्डरों को भविष्य में आने वाली समस्याओं से बचा जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि बिल्डरों को नक्शों में बदलाव करने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्होंने बिल्डरों को कहा कि वह अपना प्रॉपर्टी टैक्स खुद इकट्ठा करें ताकि किसी भी बिल्डर या एंड यूजर को कोई समस्या न आए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की एडवरटाइजमेंट पॉलिसी को ध्यान में रखकर ही पोस्टर और होर्डिंग लगाएं। इसके अलावा बिल्डरों को यूनिपोल न लगाने की हिदायत भी दी गई। एडवर्टाइजमेंट पॉलिसी के तहत निर्धारित ठेकेदार और बिल्डर के बीच किसी तरह का तनाव का माहौल न पैदा हो। क्योंकि अगर कोई बिल्डर पॉलिसी की उल्लंघना करता है तो उसको जुर्माना भरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर एक बिल्डर को कंपलीशन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। एडीसी मोहाली ने कंपलीशन सर्टिफिकेट और प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वाले बिल्डरों की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है। इसके लिए बिल्डरों को 10 दिन का समय दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अपने आठ महीने के कार्यकाल में उन्होंने गलत निर्माण की गई बिल्डिंगों को गिरया भी है। गुस्साए लहजे में उन्होंने कहा कि अगर समय रहते अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो आज जीरकपुर का यह हाल न होता। दिन प्रतिदिन गिर रहे भूजल स्तर पर बोलते हुए कहा कि बिल्डरों को सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चलाने चाहिए और ट्रीट किए पानी को निर्माण कार्य में इस्तेमाल करने की हिदायत दी।
इस दौरान बिल्डरों ने अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि गमाडा और नगर काउंसिल की पॉलिसियों में भारी अंतर है। गमाडा की ओर से इडीसी चार्जेस भरने के लिए निर्धारित समय दिया जाता है। जो यहां नहीं मिलता है। इस दौरान बिल्डरों ने पानी की समस्या को दूर करने के लिए नहरी पानी की सप्लाई करवाने की मांग की। वहीं उन्होंने पीआर-7 सड़क पर काम कर रहे बिल्डरों को सीवरेज और पानी की सुविधा देने की मांग की।