इलाज के दौरान लंबे समय तक केंद्र में रखने का आरोपियों ने लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
खरड़। रंधावा रोड पर स्थित विसडम वेलफेयर सोसाइटी के सुपरवाइजर सरबजीत सिंह पर गोली चलाने वाले दोनों युवकों कमलजीत व रवि कुमार को खरड़ अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने दोनों को एक दिन के पुलिस रिमांड में भेजने के आदेश दिए।
बता दें कि वीरवार शाम लगभग पांच बजे कमलजीत व रवि कुमार दोनों नशा मुक्ति केंद्र में आए थे। इससे पहले कमलजीत की सुपरवाइजर सरबजीत सिंह से दोपहर में फोन पर बहसबाजी व गाली गलौज हो चुकी थी। कार में पहुंचे कमलजीत व रवि कुमार को गेट पर ही सरबजीत सिंह मिल गया, बहसबाजी के बाद कमलजीत ने पिस्टल निकाल कर गोली चला दी, जो सरबजीत सिंह के पेट के बाईं ओर लगी। सरबजीत सिंह को मोहाली के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। नशा मुक्ति केंद्र में गोली चलने की घटना के बारे में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक इन्कार करते रहे हैं। उनका कहना था कि गोली की घटना नशा मुक्तिकेंद्र के बाहर हुई है, जिससे उनका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन आसपास के दुकानदारों ने बताया कि गोली की घटना नशा मुक्ति केंद्र के अंदर ही हुई और इसमें नशा मुक्ति केंद्र का सुपरवाइजर सरबजीत सिंह जख्मी हुआ है।
गोली चलाने वाले आरोपी जीजा-साला से 12-12 घंटे कराया जाता था काम
नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले सरबजीत पर गोली चलाने वाले दोनों आरोपी जीजा-साला हैं। रवि कुमार आरोपी कमलजीत सिंह का सगा जीजा है। कमलजीत पर पहले भी चार मामले दर्ज हैं। आरोपी कमलजीत ने पूछताछ में बताया कि वह दो महीने पहले विसडम वेलफेयर सोसाइटी नाम के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हुआ था। कमल ने बताया कि सरबजीत सिंह उससे किचन में 12-12 घंटे काम करवाता था। उसने सरबजीत को वीरवार को दोपहर 2 बजे फोन किया और कहा कि अगर उसके घर वाले उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करने की बात करें तो वह उसे लेने घर न आए। सरबजीत ने कहा कि अगर उसे फोन आया तो वह उसे लेने जरूर आएगा, इस पर दोनों में बहस हो गई। कमलजीत सिंह ने बताया कि वह सरबजीत को मारने नहीं आया था, बल्कि बात करने आया था। जब वह कार में खरड़ पहुंचा तो सरबजीत सिंह गेट पर खड़ा था, जिसने उसे देखकर गालियां निकालनी शुरू कर दीं। इस दौरान उसने आपा खोकर गोली चला दी।
50 हजार रुपये में यूपी से लाया पिस्टलपुलिस से पूछताछ में कमलजीत सिंह ने बताया कि उस पर पहले भी मामले दर्ज हैं। इस दौरान वह जेल भी जा चुका है। जेल में कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल युवक उसके संपर्क में आए। उसके जमानत पर बाहर आने के बाद भी उसका उनके साथ तालमेल था। उन्हीं में से एक ने उसे यूपी से 50 हजार रुपये में पिस्टल दिलाई थी। यह पिस्टल वह कुछ समय पहले ही खरीदकर लाया था।