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Mohali News: फायरिंग के आरोपियों का पीजी कनेक्शन, पुलिस करेगी मालिकों की जांच, वेरिफिकेशन अनिवार्य

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मोहाली। शहर में कोठियों पर फायरिंग के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों के खरड़ में पीजी में रहने का खुलासा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने अब पीजी संचालकों और मकान मालिकों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। पुलिस जल्द ही जिले में विशेष पीजी और किरायेदार वेरिफिकेशन अभियान शुरू करेगी। पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने पीजी संचालकों और मकान मालिकों को किरायेदारों की पुलिस वेरिफिकेशन करवाने की सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वेरिफिकेशन न करवाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तुरंत मामला भी दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग के आरोपियों से पूछताछ में उनके खरड़ के पीजी में रहने की जानकारी मिली थी। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपियों ने सही पहचान और दस्तावेज दिए थे या नहीं। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि पीजी संचालक ने उनकी पुलिस वेरिफिकेशन करवाई थी या नहीं। पुलिस का मानना है कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों का रिकॉर्ड होना आवश्यक है। यह अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद करेगा।
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वेरिफिकेशन से अपराधियों में रहेगा डर

पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति की वेरिफिकेशन पहले से हुई होगी, तो अपराध होने पर पुलिस उस तक आसानी से पहुंच सकेगी। अपराधी यह जानेंगे कि उनके दस्तावेज पुलिस रिकॉर्ड में हैं, तो वे अपराध करने से डरेंगे। यह व्यवस्था अपराधियों के लिए एक अतिरिक्त जांच का रास्ता तैयार करती है।



मोहाली-खरड़ में पीजी पर पुलिस की नजर

मोहाली और खरड़ क्षेत्र में नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। इनमें कई युवा पीजी या किराये के मकानों में रहते हैं। पुलिस अब ऐसे आवासीय ठिकानों का रिकॉर्ड जांचने की तैयारी में है। अभियान के दौरान यह देखा जाएगा कि संचालकों ने किरायेदारों की पहचान और पुलिस वेरिफिकेशन करवाई है या नहीं।
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