डेराबस्सी। नगर काउंसिल के हाऊस पर सोमवार को आम आदमी पार्टी कब्जा हो गया। नगर काउंसिल प्रधान के चुनाव को लेकर हुई बैठक के दौरान वार्ड नंबर 13 से पार्षद आशु उपनेजा पत्नी नरेश उपनेजा को सर्वसम्मति से प्रधान चुना गया। आशु उपनेजा नगर काउंसिल की तीसरी महिला प्रधान बनी हैं। जबकि इससे पहले मनजीत कौर डॉली और बलजिंदर कौर नगर परिषद की महिला प्रधान रह चुकी हैं। डेराबस्सी में इससे पहले कांग्रेस का कब्जा था, लेकिन अब आम आदमी पार्टी ने अपना कब्जा जमा लिया है।
जानकारी के मुताबिक चुनाव अधिकारी कम एसडीएम हिमांशु गुप्ता की देखरेख में हुए चुनाव में विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने भी हिस्सा लेते हुए अपनी वोट आशु उपनेजा को डाली। इस अवसर पर वार्ड नंबर-12 से पार्षद अमित वर्मा ने आशु उपनेजा का नाम पेश किया, जबकि पार्षद विपिनदीप कौर ने इसका समर्थन किया, जिसका विधायक रंधावा सहित बैठक में मौजूद 13 में 12 अन्य पार्षदों ने हाथ खड़े करके अपना-अपना समर्थन दिया। अकाली दल के तीनों पार्षदों ने आशु उपनेजा का समर्थन किया। इस बैठक में मौजूद आप और प्रधानगी के दावेदार एडवोकेट विक्रांत पवार ने आशु उपनेजा का समर्थन नहीं किया, बल्कि उन्होंने उनके नाम का विरोध किया।
बैठक में क्या रहें समीकरण
शहर में कुल 19 पार्षदों में से बैठक में 13 पार्षद उपस्थित रहे। जबकि कांग्रेस के पांच पार्षद मीटिंग शुरु होने से पहले की बॉयकाट कर चले गए। जबकि नगर काउंसिल के पूर्व प्रधान रणजीत सिंह रेड्डी मीटिंग में से गैर हाजिर रहे। अकाली दल के तीनों पार्षदों ने आशु उपनेजा को समर्थन दिया। कांग्रेस की एक अन्य पार्षद बलविंदर कौर ने ऐन मौके पर आशु उपनेजा को समर्थन दिया।
बतौर आजाद प्रत्याशी जीतीं थी चुनाव
आशु उपनेजा के पति नरेश उपनेजा पिछली टर्म में भाजपा पार्टी से चुनाव लड़कर पहली बार पार्षद बने थे। पिछले चुनाव के दौरान किसानों के संघर्ष को लेकर पंजाब में भाजपा का काफी विरोध हो रहा था, जिसे देखकर नरेश उपनेजा ने अपनी पत्नी आशु उपनेजा को बतौर आजाद उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा था। इस दौरान उन्होंने जीत हासिल की थी। वहीं, कुछ दिन पहले ही आशु उपनेजा अन्य कांग्रेसी पार्षदों के साथ आप में शामिल हो गई थीं।
एमए पास है प्रधान
बात दें कि 40 वर्षीय प्रधान आशु उपनेजा एमए पास है। उन्होंने हिंदी विषय में एमए की है। प्रधान बनने के बाद उन्होंने कहा कि हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा के नेतृत्व में सभी पार्षदों को साथ लेकर शहर में विकास कार्य किए जाएंगे। इसमें नगर काउंसिल को अपना दफ्तर देने के अलावा शहर के रुके हुए विकास कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहर को भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन दिया जाएगा।
क्या रहा पूरा घटनाक्रम
नगर काउंसिल चुनाव के दौरान अप्रैल, वर्ष-2021 में रणजीत सिंह रेड्डी प्रधान बने थे। राज्य में आप पार्टी की सरकार आने के बाद रेड्डी का विरोध होना शुरू हो गया था। बीते दिनों एक सफाई कर्मी को जातिसूचक शब्द बोलने के मामले में रेड्डी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, वह 21 दिन जेल में रहे। इस दौरान उनके पीछे से पूरी राजनीति बिगड़ गई और पार्षद बागी हो गए। इसको देखते हुए रेड्डी ने जेल से बाहर आते ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पहले से ही तय कार्यक्रम के मुताबिक नौ पार्षद जिनमें सात कांग्रेस, एक आजाद और एक भाजपा पार्षद आप पार्टी में शामिल हो गए थे।
नौ महीने में आप ने दो काउंसिल कब्जाई
राज्य में आप की सरकार बनने के नौ महीने में ही हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा ने डेराबस्सी और लालड़ू नगर काउंसिल पर कब्जा जमा लिया है। जबकि जीरकपुर काउंसिल में जोड़तोड़ करने में भी वह लगे हुए हैं। बता दें कि लालड़ूू में भी डेराबस्सी की तरह प्रधान बिंदू राणा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके लिए भी यहां पर नए प्रधान का चुनाव जल्द हो सकता है।
खुशी में समर्थकों ने निकाली विजय रैली
आशु उपनेजा के प्रधान बनने की खबर मिलते ही उनके समर्थक भारी संख्या में नगर काउंसिल में पहुंच गए थे। उन्होंने आशु उपनेजा को हार पहनाते हुए मिठाई बांटी और ढ़ोल की थाप पर पूरे शहर में खुशी मनाते हुए विजय रैली निकाली।
कैप्शन-विधायक कुलजीत सिंह रंधावा आशु उपनेजा को कुर्सी पर बिठाते हुए।