मोहाली। फर्जी कागजात लगाकर अदालत में आरोपियों की जमानत देने के आरोप में सोहाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान राजपाल सिंह निवासी दुराली, हेमदीप कौर, हरमीत सिंह (फर्जी जमानतकर्ता) और साधू सिंह (पहचानकर्ता) के रूप में हुई है। आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज के निर्देशों पर मामला दर्ज किया गया है। मोहाली में अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज की अदालत में राज्य बनाम राजपाल सिंह मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों राजपाल सिंह और हेमदीप कौर की गैर-हाजिरी पर कड़ा रुख अपनाया गया।
दोनों के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट पुलिस ने लौटा दिए। इसमें बताया गया कि दोनों आरोपी काफी समय से फरार हैं। उनके परिवारों को भी ठिकाने की जानकारी नहीं है। अदालत ने माना कि दोनों आरोपी जानबूझकर छिप रहे हैं। सामान्य प्रक्रिया से पेश नहीं किए जा सकते। अदालत ने दोनों को अगली तारीख के लिए तलब करने के आदेश दिए हैं। निर्देश दिया गया कि घोषणा की प्रक्रिया 15 दिन के भीतर पूरी की जाए और संबंधित अधिकारी अगली तारीख पर अदालत में बयान दर्ज कराए। इस बीच अदालत में असली हरमीत सिंह पेश हुआ और हैरान करने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसने कभी आरोपी राजपाल सिंह के लिए जमानत नहीं दी।
किसी अन्य व्यक्ति ने उसके नाम पर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी दस्तावेज और उसकी जमीन की जमाबंदी का दुरुपयोग कर उसके नाम से गारंटी भर दी। दोनों आधार कार्ड और जन्मतिथि भी अलग-अलग पाए गए। अदालत ने इसे स्पष्ट रूप से फर्जीवाड़े और प्रतिरूपण का मामला माना। इसी तरह आरोपी हेमदीप कौर के गारंटर दरबारा सिंह का नोटिस भी लौट आया। इसमें बताया गया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। किसी संपत्ति का मालिक नहीं है। अदालत ने दरबारा सिंह को अगली तारीख के लिए पांच हजार रुपये के जमानती वारंट के जरिए पेश करने के आदेश दिए।
अदालत ने एसएचओ थाना सोहाना को फर्जी गारंटर हरमीत सिंह और पहचानकर्ता साधू खान, हेमदीप कौर व राजपाल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, सामान्य जालसाजी, दस्तावेजों से छेड़छाड़, वसीयत से छेड़छाड़, दस्तावेजों को बदलना संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने का आदेश भी दिया है। अगली सुनवाई में एसएचओ की रिपोर्ट पेश करने के भी आदेश हैं।