जीरकपुर। सरकारी नौकरी लगाने का झांसा देकर 9.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने सचिवालय में क्लर्क की नौकरी लगाने के नाम पर दो भाइयों से रुपये ठगे थे। बाद में न तो नौकरी लगाई और न ही रुपये वापस किए। इस मामले में आरोपी के खिलाफ गांव सोही खुर्द तहसील राजपुरा जिला पटियाला के रहने वाले गुरविंदर सिंह के बयान पर थाना जीरकपुर में बीएनएस की धारा 316(2), 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की पहचान जोगिंदर मेहरा उर्फ राजू निवासी फ्लैट नंबर-39ए जीरकपुर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें आई हैं।
गुरविंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह राजपुरा के गांव सोही खुर्द का रहने वाला है। वह मैकेनिक का काम करता है। वर्ष 2023 में वह जोगिंदर सिंह से मिला जोकि पहले से उसका दोस्त था। जोगिंदर ने बताया कि वह चंडीगढ़ सचिवालय में सरकारी नौकरी करता है। उसने अपना आई कार्ड दिखाया। उसने हूटर लगी हुई सरकारी बोलेरो गाड़ी रखी हुई थी। जोगिंदर ने कहा कि वह उसके बच्चों को भी क्लर्क की सरकारी नौकरी लगवा सकता है क्योंकि सचिवालय में उसकी सेटिंग है। उसने कहा कि पहले नवंबर में बच्चों के एग्जाम होंगे और एक दिसंबर को लीगल तरीके से उनकी ज्वाइनिंग करवा देगा।
उसने दो लोगों को सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर पांच-पांच लाख रुपये मांगे। उसने अपना भरोसा जताने के लिए कुछ लोगों की ट्रांजेक्शन भी दिखाई ताकि गुरविंदर सिंह को यकीन हो जाए। उसने 4.30 लाख रुपये अपने भाई गुरप्रीत सिंह को दिए। गुरप्रीत सिंह ने कुल 9.20 लाख जिसमें 3.74 लाख गूगल-पे के माध्यम से जोगिंदर सिंह को दिए गए जबकि 5.46 लाख रुपये उसे कैश दिए गए। रकम लेने के बाद वह टालता रहा और उसके बाद उसने बात करनी बंद कर दी। रुपये मांगने पर उसने साफ इंकार कर दिया। बाद में उन्होंने आरोपी के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी और उस पर धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया।