मोहाली। खरड़-बलौंगी फ्लाईओवर के निर्माण के निर्माण के चलते अब हाईवे के साथ बसे गांवों के लोगों को दिक्कत आना शुरू हो गई। जिसमें आधा दर्जन गांवों के रास्ते बंद हो रहे हैं, जिससे जहां लोगों को एक मिनट के रास्ते के लिए दो से तीन किलोमीटर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसी कड़ी में हाइवे पर स्थित गांव देसूमाजरा के सरकारी स्कूल के पास सरकारी स्कूल समेत आधा दर्जन गांवों को जाने वाला रास्ता बंद कर दिया गया।
इसके बाद बुधवार को इलाके के लोग संघर्ष की राह पर आ गए। उन्होंने इस दौरान रोष प्रकट किया और गांव निवासियों की ओर से एसडीएम खरड़ को मांग पत्र देकर स्थिति सुधारने की अपील की है।
इस मौके पर गांव देसूमाजरा के नंबरदार जसपाल सिंह ने बताया कि फ्लाईओवर का निर्माण करने वाली कंपनी की तरफ से फ्लाईओवर ब्रिज नीचे देसूमाजरा के सरकारी स्कूल का रास्ता बंद कर दिया गया है। ऐसा होने के कारण लोगों को आधा किलोमीटर घूमकर आना पड़ता है। जिससे उनको भारी परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि स्कूल के इस चौराहे को लगती सड़क कई गांवों को आपस में जोड़ती है। जिनमें फतेहउलांपुर, जंडपुर, हुसैनपुर, मानना, हरलालपुर आदि शामिल हैं। इन गांवों को आने-जाने वाला यह चौराहा ही एक मात्र रास्ता था और यह करीब 80 साल पुराना है जिसको फ्लाईओवर निर्माण के कारण बंद कर दिया गया है। गांव वासियों ने मांग की है कि उनकी इस समस्या का हल किया जाए।
इस मौके पर भाजपा खरड़ मंडल के प्रधान पवन मनोचा, मोहिंदर सिंह, अजायब सिंह, रेनु वर्मा भी मौजूद रहीं।
बता दें कि इससे पहले दाऊं और शिवजोत एनक्लेव के पास भी इस तरह की दिक्कत आई थी। यह मामला नेशनल हाईवे अथारिटी से लेकर मुख्यमंत्री पंजाब तक पहुंचा था। करीब 328 करोड़ की लागत से यह प्रोजेक्ट केंद्र सरकार की ओर से स्थापित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट 2018 में पूरा होना था। लेकिन अब तक करीब आठ बार इसकी समय अवधि बढ़ाई जा चुकी है। कई बार जमीन एक्वायर में दिक्कत आई तो कभी चुनाव की वजह से काम पर असर पड़ा। कुछ समय पहले कोविड के चलते काम रुक गया था। लेकिन अब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह रफ्तार से चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि दिसंबर 2020 तक प्रोजेक्ट पूरा कर लिया जाएगा।