मोहाली। जीरकपुर में एक 76 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंककर्मी साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। ठगों ने पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर उनसे 6.05 लाख रुपये ठग लिए। यह धोखाधड़ी व्हाट्सएप कॉल और एक फर्जी लिंक के जरिये की गई। पीड़ित अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि 3 अगस्त 2026 को उन्हें एक व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को पेंशन कार्ड कार्यालय का कर्मचारी बताया। आरोपी ने उन्हें एक लिंक भेजा और उसमें जानकारी भरने को कहा। अनिल कुमार ने लिंक में मांगी गई सभी जानकारी भर दी। कुछ घंटे बाद उनके पंजाब एंड सिंध बैंक खाते से तीन अलग-अलग लेनदेन में रकम निकाल ली गई।
कुल 6.05 लाख रुपये की राशि 17 हजार, 1.88 लाख और 4 लाख रुपये के रूप में ट्रांसफर हुई। ठगी का पता चलने पर अनिल कुमार ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। थाना साइबर क्राइम मोहाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर ठग अब बैंक, पेंशन कार्यालय या अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि अनजान व्यक्ति के भेजे लिंक को न खोलें और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
पंजाब में बढ़ते साइबर ठगी के मामले
मोहाली और पंजाब में 2026 में साइबर ठगी के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2026 में मोहाली के एक व्यक्ति से ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 27.88 लाख रुपये ठग लिए गए थे। अगस्त 2026 में चार महीनों के दौरान 13 बड़े साइबर ठगी के मामलों में 30.14 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई थी। इनमें निवेश, वीजा, नौकरी और हनी ट्रैप जैसे तरीके शामिल थे। हाल ही में खन्ना निवासी गुरनाम सिंह से 3.40 करोड़ रुपये और कर्नल धर्म सिंह बैदवान से 1.21 करोड़ रुपये की ठगी के मामले भी दर्ज हुए हैं।
पुलिस उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है जहां रकम भेजी गई है। मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप कॉल, भेजे गए लिंक और डिजिटल लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि मनी ट्रेल का पता लगाकर आरोपियों तक पहुंचा जा सके। - इंस्पेक्टर सतनाम सिंह, जांच अधिकारी