मोहाली। हाउसफेड की सेक्टर-79 आवासीय योजना के 52 आवंटी पिछले करीब 22 वर्षों से अपने फ्लैटों के कब्जे का इंतजार कर रहे हैं। वर्ष 2004 में ड्रा के माध्यम से फ्लैट आवंटित होने के बावजूद उन्हें अब तक अपना आशियाना नहीं मिल सका है। आवंटियों का आरोप है कि निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बाद भी प्रशासनिक देरी और विभागीय समन्वय की कमी के कारण कब्जा प्रक्रिया लंबित है।
जानकारी के अनुसार, हाउसफेड ने वर्ष 2004 में 220 फ्लैटों के लिए ड्रा निकाला था। भूमि विवाद और किसानों से जुड़े न्यायिक मामले के कारण परियोजना प्रभावित हो गई। वर्ष 2014 में 168 फ्लैटों का निर्माण पूरा होने पर उनका कब्जा दे दिया गया, जबकि शेष 52 फ्लैटों का मामला लंबित रहा। वर्ष 2018 में संबंधित भूमि का कब्जा मिलने के बाद भी निर्माण शुरू होने में कई वर्ष लग गए। वर्ष 2023 में शेष फ्लैटों के निर्माण का कार्य मार्कफेड को सौंपा गया था और जून 2024 तक कब्जा देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जुलाई 2026 तक भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
आवंटियों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही
संघर्ष समिति के सदस्य रविंदर डोगरा ने बताया कि अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन ड्रा ऑफ लॉट्स और अन्य औपचारिकताएं पूरी नहीं होने से आवंटी अब भी इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस लंबी देरी से आवंटियों को मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मूल आवंटियों का निधन हो चुका है और अब उनके परिजन कब्जे के लिए प्रयास कर रहे हैं। समिति ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर लंबित प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने और फ्लैटों का कब्जा दिलाने की मांग की है।