मोहाली। गमाडा की सबसे महत्वाकांक्षी एरोट्रोपोलिस परियोजना में पहले चरण के भू-मालिक अब गमाडा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे हैं। वर्ष 2021 में लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) मिलने के बावजूद ए से डी ब्लॉक के लाभार्थियों को आज तक विकसित प्लॉटों का कब्जा नहीं मिल सका है। वहीं, गमाडा ने दूसरे चरण में ई से जे ब्लॉक के लिए 3522.98 एकड़ भूमि अधिग्रहण के अवॉर्ड जारी कर दिए हैं। इससे पहले चरण के लाभार्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि पुराने वादे पूरे किए बिना नई जमीन का अधिग्रहण शुरू करना उचित नहीं है। लाभार्थियों ने गमाडा पर परियोजना में अनावश्यक देरी और स्पष्ट समय सीमा नहीं देने का आरोप लगाते हुए पहले लंबित आवंटनों का निपटारा करने की मांग की है। भू-मालिकों का कहना है कि उन्होंने अधिग्रहित भूमि के बदले नकद मुआवजा लेने के बजाय लैंड पूलिंग पॉलिसी पर भरोसा जताया था। उन्हें उम्मीद थी कि तय समय के भीतर विकसित प्लॉट मिल जाएंगे, लेकिन पांच साल बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका आरोप है कि एलओआई मिलने के बाद न तो प्लॉटों का अंतिम स्थान बताया गया और न ही कब्जा देने की कोई निश्चित समय सीमा घोषित की गई। लाभार्थियों के अनुसार कई परिवारों ने वर्षों पहले अपनी कृषि भूमि सरकार को सौंप दी थी ताकि परियोजना समय पर पूरी हो और उन्हें विकसित प्लॉट मिल सकें। लेकिन अब तक इंतजार ही करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि पहले चरण के लाभार्थियों के लंबित मामलों का समाधान किए बिना दूसरे चरण में नई जमीन का अधिग्रहण शुरू करना उचित नहीं है। इससे लोगों का परियोजना पर भरोसा कमजोर हो रहा है। भू-मालिकों ने गमाडा से मांग की है कि पहले चरण के सभी लंबित आवंटनों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
2017 में शुरू हुई थी एरोट्रोपोलिस परियोजना
पंजाब सरकार ने मई 2017 में मोहाली एयरपोर्ट के आसपास विश्वस्तरीय शहरी विकास के उद्देश्य से एरोट्रोपोलिस परियोजना की शुरुआत की थी। परियोजना के तहत पहले चरण में ए से डी ब्लॉक के लिए भूमि अधिग्रहण और लैंड पूलिंग प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद वर्ष 2021 में भू-मालिकों को लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किए गए।
अमरूद के बाग घोटाले के कारण अटका था विकास कार्य
एरोट्रोपोलिस के ए से डी ब्लॉक में विकास कार्यों में देरी की बड़ी वजह करीब 137 करोड़ रुपये का अमरूद का बाग बताया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र में मौजूद इस बाग को हटाने और मुआवजे को लेकर लंबे समय तक विवाद बना रहा, जिससे आधारभूत ढांचे के विकास की रफ्तार प्रभावित हुई थी। अधिकारियों के अनुसार मामला सुलझने के बाद अब सड़क, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं का निर्माण तेज किया जा रहा है। हालांकि भू-मालिकों का कहना है कि विकास कार्यों में हुई इस देरी का खामियाजा पहले चरण के लाभार्थियों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें 2021 में एलओआई मिलने के बावजूद अब तक विकसित प्लॉटों का कब्जा नहीं मिल सका।
गमाडा का दावा- मार्च 2027 से शुरू होगा कब्जा
गमाडा के मुख्य अभियंता अजय गर्ग ने बताया कि एरोट्रोपोलिस क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के विकास का काम तेजी से चल रहा है। परियोजना क्षेत्र में सीवरेज लाइनें बिछाई जा रही हैं और आंतरिक सड़कें विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी समानांतर रूप से काम किया जा रहा है। यदि निर्माण कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरा होता है तो मार्च 2027 से विकसित प्लॉटों का कब्जा देना शुरू कर दिया जाएगा।