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गमाडा के प्लाॅट दिलाने के नाम पर ठग लिए 40 लाख, राजस्थान पुलिस ने किया मामला दर्ज

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मोहाली। वीआइपी सिटी में गमाडा के प्लाटों के नाम 48 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला राजस्थान पुलिस ने दर्ज किया है। श्री गंगा नगर जवाहरपुर निवासी जितेंद्र सिंह की शिकायत पर राजस्थान पुलिस ने मोहाली के गांव बांकरपुर निवासी भूपिंदर सिंह के खिलाफ प्लॉट के नाम पर फर्जी दस्तावेजों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। राजस्थान पुलिस अब बांकरपुर निवासी आरोपी की तलाश कर रही है।
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यह मामला करीब 8 साल पुराना है, लेकिन आरोपी इतना शातिर था कि उसने धोखाधड़ी की भनक तक नहीं लगने दी। इकरारनामे के नाम पर मोटी रकम एंठने के बाद भी आरोपी ने डेवलपमेंट फीस के नाम पर एक लाख रुपये और वसूल लिए। जितेंद्र सिंह का परिचय भूपिंदर सिंह से था। श्रीगंगानगर की थाना सदर पुलिस को दी शिकायत में जितेंद्र ने बताया कि भूपिंदर ने उसे मोहाली में प्लॉट खरीदने का सुझाव दिया और बड़ा फायदा होने का झांसा दिया। इस पर वह भूपिंदर के बहकावे में आकर वह श्री गंगा नगर से मोहाली आया तो भूपिंदर ने उसे गमाडा की ओर से डेवलप किए जा रहे एरिया में 200 वर्ग मीटर का रिहायशी प्लॉट और 20 वर्ग मीटर का कामर्शियल प्लॉट दिखाया। भूपिंदर ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर कहा कि वह प्रॉपर्टी उसके नाम है। इसके बाद उसने जितेंद्र को बहला फुसला कर इन प्लॉट्स की देखभाल का जिम्मा भी ले लिया। 6 अगस्त, 2012 को बिक्री का इकरारनामा हुआ। इसके चलते जितेंद्र ने इन प्लॉट्स की कीमत के रूप में 48 लाख रुपये भूपिंदर को गवाहों की हाजिरी में सौंप दिए। कई साल बीतने के बाद भी आरोपी ने न तो जमीन का पट्टा ही जितेंद्र के नाम चढ़वाया और न ही गमाडा से एनओसी लेकर दी।
साल 2020 में भूपिंदर श्री गंगानगर में जाकर जितेंद्र के जानकारों में सतेंद्र सिंह कंग और राजेश आहूजा से मिला। यहां पर वह राजेश आहूजा के श्री गंगानगर में बैंक कॉलोनी स्थित घर में भी ठहरा। इसी दौरान उसने उक्त प्लाट्स की डेवलपमेंट फीस के नाम पर एक लाख रुपये और जितेंद्र सिंह से वसूल लिए। भूपिंदर ने विश्वास दिलाया की जल्द ही कागजी कार्रवाई पूरी कर सभी दस्तावेज उन्हें सौंप देगा।
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जितेंद्र ने बताया कि इसके बाद भूपिंदर ने उसका फोन उठाना ही बंद कर दिया। सतेंद्र सिंह कंग ने भी आरोपी से संपर्क किया तो उसने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। इसके बाद उन्हें भूपिंदर पर शक हुआ और उन्होंने इन प्लाट्स के मालिक का पता लगवाया तो पता चला कि यह दोनों प्लॉट किसी ओर के नाम पर हैं।
इस पर जितेंद्र सिंह बड़ा धक्का लगा और इस धोखाधड़ी से वह सकते में आ गए। जितेंद्र ने बताया कि पुलिस ने भी पहले उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश पर श्रीगंगानगर के थाना सदर में इस धोखाधड़ी का केस भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 व 471 के तहत मोहाली के गांव बांकरपुर निवासी भूपिंदर सिंह के खिलाफ दर्ज की गई है। अब राजस्थान पुलिस को भूपिंदर सिंह की तलाश है।
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