हर दूसरे दिन एक लड़की एनआरआई दूल्हे की ठगी का हो रही शिकार
-एनआरआई विंग पहुंचीं महिला दिल्ली महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा
-राज्य में शादी पंजीकरण कानून को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
राज्य में शादी पंजीकरण कानून को सख्ती से लागू किया जाना जरूरी है। क्योंकि एनआरआई दूल्हे राज्य की लड़कियों के साथ शादी के नाम पर धोखाधड़ी करते है। इसके बाद लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर आसानी से निकल जाते हैं। आंकड़ों से यह साफ होता है कि पंजाब में हर दूसरे दिन एक लड़की एनआरआई दूल्हे की ठगी का शिकार हो रही है। यह बात दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष व हाई लेवल कमेटी ऑन एनआरआई मैरिज डिस्प्यूट की सदस्य स्वाति मालीवाल ने कही। वह फेज-7 स्थित एनआरआई पुलिस थाने पहुंची थी। उन्होंने वहां पर अधिकारियों से मीटिंग की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह नगर, लुधियाना, जालंधर, रूपनगर, आदि क्षेत्रों में प्रवासी भारतीयों से जुड़े मामले अधिक आ रहे हैं। उन्होंने गैर सरकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे कार्यों के आधार पर बताया कि पंजाब में हर साल हजारों लड़कियां एनआरआई दूल्हों की ठगी का शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा इस मामले में ठोस कानून बनाया जा रहा है। उन्होंने एनआरआई पुलिस विंग के आईजी ईश्वर चंद शर्मा से मुलाकात करके पुलिस थाने के कामकाज को करीब से देखा और यहां आने वाली शिकायतों के बारे में जानकारी हासिल की।
वर्ष 2016 में पंजाब की लड़कियों की आईं थीं 300 कालें
स्वाति ने बताया कि एनआरआई पुलिस थाने में वर्ष 2016 में करीब चार हजार शिकायतें आई हैं। इनमें से करीब 300 शिकायतें ऐसी हैं जिनमें पंजाब की लड़कियां एनआरआई दूल्हों की ठगी का शिकार हुई हैं। मालिवाल ने कहा कि यह आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है। क्योंकि अधिकतर लोग पुलिस में शिकायत करने से गुरेज करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब महिला आयोग के माध्यम से केसों का ब्यौरा आने के बाद उनके द्वारा केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें भेजी जाएंगी। इसके बाद देशभर में एनआरआई दूल्हों की ठगी को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाएगा। इस कानून के बनने से पंजाब की लड़कियों को काफी लाभ मिलेगा।