मोहाली। मास्टर प्लान के साथ बनी वर्ल्ड क्लास सिटी मोहाली में इन दिनों शराब के ठेके विवाद का कारण बन चुके हैं। वजह है शराब ठेकों का रिहाइशी इलाकों में खोला जाना। रविवार को सेक्टर-79 के लोगों ने शराब ठेके की जगह बदले जाने को लेकर धरना शुरू कर दिया। भीषण गर्मी के बीच लोग शिफ्ट किए जा रहे ठेके का काम रुकवाने के लिए 5 घंटे तक डटे रहे। पुलिस ने ठेके की शिफ्टिंग के काम को रुकवाया, तब कहीं जाकर लोगों ने धरना खत्म किया। इस मुद्दे को लेकर लोग सेहत मंत्री व गमाडा के अधिकारियों से भी मिलेंगे।
सेक्टर-79 में जिस जगह पर शराब ठेका को शिफ्ट किया जा रहा है, वो जगह रिहाइशी इलाके से सटी है। पहले से ठेके के रिहायशी इलाके के सामने होने से लोगों में नाराजगी थी। अब शिफ्टिंग के बाद ठेके को रिहायशी इलाके के बिल्कुल करीब ले जाया जा रहा था, लिहाजा लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सेक्टर-79 रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान हरदयाल चंद की अगुवाई में सुबह नौ बजे लोगों ने धरना देकर शराब ठेकेदारों व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस व गमाडा के अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों का कहना था कि इस जगह लोग सुबह-शाम सैर करते हैं, साथ ही बच्चे भी खेलते हैं। ठेके को कामर्शियल शोरूम या फिर मोड़ पर खोला जाए। बताया जाता है कि जिस जगह पर ठेके को शिफ्ट किया जा रहा था, वह जगह गमाडा की है और उसे 18 लाख के किराए पर लिया गया है। दोपहर दो बजे के बाद पुलिस व गमाडा अधिकारियों ने ठेके का काम रुकवा दिया, जिसके बाद लोगों ने धरना खत्म किया।
सेक्टर-69 और 71 में भी हो चुका है विरोध
मोहाली में शराब ठेके को लेकर विरोध का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सेक्टर-69 में भी ठेका रिहायशी इलाके में होने के चलते विरोध हुआ था। वहां महिलाओं ने ठेके में तोड़फोड़ भी की थी। इसी तरह एरो सिटी रिहायशी इलाके में ठेका होने के कारण विरोध हुआ था। यह मामला अभी तक नहीं सुलझा है। कुछ समय पहले सेक्टर-71 के ठेके को लेकर भी विरोध हुआ था।
ठेकों से 200 करोड़ कमा रही सरकार
मोहाली के शराब ठेके पंजाब सरकार की आमदनी का बड़ा जरिया हैं। इस साल सरकार को मोहाली में शराब ठेकों से 198.61 करोड़ की आमदनी हुई, जबकि पिछले साल यह आमदनी 179.40 करोड़ थी। पिछली बार मोहाली में 211 शराब ठेके थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर इस बार 223 कर दी गई है।
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शराब ठेके को रिहायशी इलाके में शिफ्ट किया जा रहा है, जो सरासर गलत है। शाम को लोग सैर के लिए निकलते हैं। महिलाओं को भी इससे परेशानी होती है। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
-हरदयाल चंद बढ़बर, प्रधान रेजिडेंशियल वेलफेयर सोसाइटी, सेक्टर-79
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शराब के ठेके कामर्शियल जगह पर खोले जाएं तो हमें कोई एतराज नहीं। लेकिन रिहायशी इलाके में ठेके नहीं खुलने देंगे। बच्चों पर गलत असर पड़ता है। महिलाओं और लड़कियों को आने-जाने में दिक्कत होती है।
-सुच्चा सिंह, प्रधान, प्लाट अलाटमेंट एंड डवलपमेंट कमेटी सेक्टर-76 से 80
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रिहायशी इलाके और पार्कों के पास ठेके खोलना गलत है। प्रशासन को इस बारे में साफ नीति बनानी चाहिए। एक तरफ सरकार नशों के खिलाफ अभियान चला रही है, दूसरी ओर शराब ठेकेदारों की मनमानी को नजरंदाज कर रही है।
-सरदूल सिंह पूनिया, निवासी, सेक्टर-79
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शराब के ठेके कामर्शियल जगहों पर हों तो किसी को एतराज नहीं, लेकिन रिहायशी इलाकों के पास इन्हें नहीं खुलने देंगे। ठेके पर नशे के लिए तरह-तरह के लोग आते हैैं। इससे इलाकों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़ा हो जाएगा।
-दविंदर सिंह, निवासी सेक्टर-79