जीरकपुर। शहर में सार्वजनिक शौचालयों का अभाव है, लेकिन जहां बनाए गए हैं उन पर भी ताले लटके हुए हैं। लोगों को मजबूरन खुले में शौच जाना पड़ रहा है। ऐसे में ओडीएफ का दावा दिखावा साबित हो रहा है। नगर काउंसिल के अधिकारियों की लापरवाही के चलते लाखों रुपये बेकार हो रहे हैं। स्वच्छता अभियान को भी झटका लग रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर काउंसिल ने पिछले साल जीरकपुर को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने के लिए करीब 8 जगहों पर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाना सुनिश्चित किया था। एनएचएआई से परमिशन नहीं मिलने के कारण फ्लाईओवर के नीचे व पंचकूला रोड पर कलगीधर एनक्लेव मार्केट के नजदीक शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया, जबकि इन दोनों जगहों पर पब्लिक का आना जाना ज्यादा होता है। जिन दो जगहों ढकोली और आंबेडकर कालोनी के ममता एनक्लेव में शौचालय का निर्माण करवाया गया है, उनमें से ढकोली स्थित बनाए गए शौचालयों पर ताला लटका है। ऐसे में ये शौचालय शोपीस बनकर रह गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब हाईवे अथॉरिटी से नए सिरे से अनुमति लेकर फ्लाईओवर के नीचे व पंचकूला रोड पर शौचालयों का निर्माण करवाया जाएगा, क्योंकि स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो गया है और शहर की रैंकिंग को लेकर चिंता है।
क्या कहते हैं लोग
लोगों को कहना है कि शहर पिछले साल ओडीएफ घोषित हुआ था, लेकिन इसके बाद नगर काउंसिल ने सार्वजनिक शौचालयों की ओर ध्यान नहीं दिया। इससे अव्यवस्था होती गई और सभी शौचालय शोपीस बनकर रह गए। झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं।
कोट्स
शहर के सभी सार्वजिनक शौचालयों को ठीक कराया जा रहा है। जल्द शौचालय सुचारु नजर आएंगे। शौचालय में ताला लगा होने की जानकारी ली जाएगी और खुलवाया जाएगा।
-कुलविंदर सोही, प्रधान, नगर काउंसिल जीरकपुर।
कोट्स
शौचालयों का काम चल रहा है। शौचालयों की देखरेख के लिए कर्मचारी नियुक्त किए जाने हैं। इनकी सफाई और देखरेख के लिए अलग से टेंडर जारी किया जाएगा।
-राजिंदर सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर।