पंजाब के लुधियाना में निजी अस्पताल में महिला का पीते की पत्थरी का ऑपरेशन करने के बाद उसकी मौत हो गई। लुधियाना के बाबा थान सिंह चौक के पास स्थित अरोड़ा नर्सिंग होम में महिला का ऑपरेशन किया गया। वीरवार सुबह अस्पताल में उस समय हंगामा हो गया जब अस्पताल में दाखिल महिला की मौत हो गई। महिला कीर्ति की मौत के बाद उसके परिवार वालों ने वहां हंगामा कर दिया। परिवार के लोगों का आरोप है कि ऑपरेशन सही हुआ था, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ की तरफ से सही ढंग से देखभाल न करने के कारण मरीज की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
घटना की सूचना मिलने के बाद थाना डिविजन तीन की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जांच के बाद कीर्ति के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने परिवार को आश्वासन दिया कि डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जो सच्चाई होगी सामने आ जाएगी।
मृतक कीर्ति के बेटे लाल बहादुर ने कहा कि वह जनकपुरी गली में रहता है। महिला के पीते में पत्थरी थी। इसलिए वह उसे गांव से शहर लाया था। महिला को उसने अरोड़ा नर्सिंग होम में ऑपरेशन के लिए भर्ती करवाया था।
ऑपरेशन से पहले बढ़ गया बीपी
लाल बहादुर ने कहा कि ऑपरेशन से पहले मां कीर्ति का बीपी बढ़ गया था। डॉक्टर ने कहा था कि ग्लूकोज चढ़ाने के बाद बीपी स्टेबल होने पर ऑपरेशन करेंगे। ऑपरेशन का कुल 35 हजार रुपये मांगे गए थे। उसने 10 हजार रुपये भी जमा करवा दिए थे। महिला का ऑपरेशन करने के बाद बुधवार-वीरवार रात 3 बजे की वह ठीक थी। कुछ देर बाद उसे भतीजी ने बताया कि महिला कोई मूवमेंट नहीं कर रही है। उन्होंने डॉक्टरों को तुरंत सूचित किया, लेकिन कोई डॉक्टर सुबह साढ़े 4 बजे देखने तक नहीं आया।
क्या कहते हैं अस्पताल प्रबंधक
उधर, इस मामले में अरोड़ा नर्सिंग होम के मालिक डॉक्टर डीपी सिंह अरोड़ा ने कहा कि महिला का बुधवार शाम को ही ऑपरेशन सफलता पूर्वक हो गया था। किसी समय होता है जब मरीज की उम्र 50 साल से अधिक हो तो उसे साइलेंट अटैक आ जाता है। इस केस में पुलिस निष्पक्षता से जांच करे। हम पुलिस की हर जांच में सहयोग देंगे।
क्या कहती है पुलिस
थाना डिवीजन नंबर 3 के एसएचओ अमृतपाल शर्मा ने कहा कि महिला कीर्ति का शव पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया जाएगा। डॉक्टरों का बोर्ड जो भी रिपोर्ट देगा उसके मुताबिक अगली कार्रवाई की जाएगी।