शहर के कई इलाकों में सरकारी नलों से आ रहे दूषित पानी की शिकायतों का
संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ढाई माह के बाद फिर कई स्थानों
से पानी के सैंपल भरे।
टीम का नेतृत्व कर रहे सेहत इंस्पेक्टर
दारपाल सिंह ने सबसे पहले वार्ड नं. 23 के पार्षद पुनीत गोयल की अगुवाई में
उनके वार्ड का दौरा किया और पानी के सैंपल लिए। पुनीत गोयल ने सेहत विभाग
से स्वच्छ पानी सप्लाई मुहैया करवाने की भी अपील की।
हेल्थ
इंस्पेक्टर दारपाल सिंह ने बताया कि सेहत विभाग की ओर से 30 नवंबर 2015 को
संगतपुरा, दशमेश कालोनी, शांति नगर और मेन बाजार से मिल रही शिकायतों के
आधार पर सैंपल भरे गए थे। इन सैंपलों को चंडीगढ़ की सरकारी लैब में चेकिंग
के लिए भेजा गया था। उक्त इलाकों में उन्होंने छह सरकारी ट्यूबवेल और चार
सैंपल विभिन्न लोगों के घरों से लिए थे। घरों में जा रहे पानी के सैंपल फेल
हुए थे।
इसके बाद सिविल सर्जन फतेहगढ़ साहिब की ओर से नगर काउंसिल
अधिकारियों को लिखित पत्र भेजकर लोगों को साफ सुथरा पानी मुहैया करवाने और
जमीन में डाली गई पानी की सप्लाई वाली पाइपों की लीकेज बंदकर उनकी मरम्मत
के निर्देश दिए गए थे। वीरवार को दो माह बाद फिर लोगों की शिकायत के आधार
पर पानी के सैंपल भरे गए। उन्हें चंडीगढ़ सरकारी लैब में भेजा जा रहा है।
इसकी रिपोर्ट 15 दिन में आ जाएगी।
नगर काउंसिल मंडी गोबिंदगढ़ के
पूर्व अध्यक्ष एवं मौजूदा पार्षद जगमीत सिंह सहोता ने कहा कि लोगों को साफ
एवं स्वच्छ पानी मुहैया करवाना काउंसिल की नैतिक जिम्मेदारी है। इसे हर हाल
में पूरा किया जाना चाहिए।