राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर नए वोटरों को राज्यपाल ने दिया वोटर आईडी कार्ड।
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राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि बार-बार मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराने के बजाय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि एक ही सूची से लोकसभा, विधानसभा, नगर निकाय और पंचायतों के चुनाव कराए जा सकें।
उन्होंने चुनाव आयोगों के अलावा केन्द्र और राज्य सरकार को इस बिंदु पर विचार करने की सलाह दी। इससे आम लोगों की दिक्कतें दूर होंगी और चुनावों की निष्पक्षता पर भी सवाल नहीं उठेंगे। एक मतदाता सूची की व्यवस्था से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतों में भी कमी आएगी।
राज्यपाल बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चुनाव में ड्यूटी करने वालों की समस्या को देखते हुए उनके मतदान करने की प्रक्रिया को भी सरल करने की सलाह दी।
कहा कि अभी से लोकसभा चुनाव 2019 के लिए शत-प्रतिशत पात्र लोगों के नाम शामिल करते हुए मतदाता सूची बनाने की जरूरत है। निर्वाचन कार्य से जुड़ी संस्थाओं और प्रशासन को प्रयास करना चाहिए कि 18 साल की उम्र पूरी कर चुका एक भी व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से छूट न जाए।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल संग सेल्फी लेतीं छात्राएं।
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प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वेकंटेश्वर लू ने कहा, संविधान का निर्माण करने वाले महापुरुषों ने हमें मतदान का अधिकार दिया है। सभी लोग इसका महत्व समझें तथा अपने सपनों को साकार करने के लिए मतदान अवश्य करें। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार ने कहा, संविधान की सबसे महत्वपूर्ण देन है मतदान का अधिकार। हमें इसका महत्व समझना चाहिए।
इस मौके पर राज्यपाल ने विधानसभा चुनाव में जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में उत्कृष्ट काम करने वाले डीएम, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी, मतदाता रजिस्ट्रीकरण से जुड़े अधिकारियों, स्काउट गाइड और एनएसएस कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।