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गैंगस्टर पिता की गल्तियों का खामियाजा भुगत रहा है चार का मासूम, मां के साथ सीआईए स्टाफ में रहने को मजबूर

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जगरांव। गैंगेस्टर दर्शन सिंह के चार साल के बेटे ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि मां-बाप की गुनाहों की सजा उसे भी भुगतनी होगी और खेलने और पढ़ने की उम्र में उसे अपनी मां के साथ कैद में रहना पड़ेगा। हालांकि बुधवार को अदालत ने बच्चे की कस्टडी उसके नाना को दे दी।
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बता दें कि 15 मई को दो एएसआई की गोली मारकर हत्या करने के मामले में जगरांव सीआईए स्टाफ ने 20 मई को सतपाल कौर, जसप्रीत सिंह, नानक चंद उर्फ नानक, गगनदीप सिंह उर्फ नन्ना, गुरप्रीत सिंह उर्फ लक्की और रमनदीप कौर को गिरफ्तार किया था। आरोपी सतपाल कौर हत्याकांड को अंजाम देने वाले गैंगेस्टर दर्शन सिंह की पत्नी है। उसके साथ चार साल का बेटा भी है, जो मां के साथ 26 मई तक सीआईए स्टाफ की कैद में रहा। 26 मई को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सभी को दोबारा अदालत में पेश किया तो उस समय सतपाल कौर के साथ उसका बेटा भी था। इस पर अदालत ने सभी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया और बच्चे को नाना की कस्टडी में सुपुर्द कर दिया।
गौरतलब है कि 15 मई की शाम को जगरांव की नई अनाज मंडी में गैंगेस्टर जयपाल भुल्लर उर्फ फिरोजपुरिया, बलजिंदर सिंह, जसप्रीत सिंह और दर्शन सिंह ने दो एएसआई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने 20 मई की देर रात छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें हत्याकांड को अंजाम देने वाले गैंगेस्टर दर्शन सिंह की पत्नी सतपाल कौर भी थी। उसके साथ चार साल का बेटा था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तारी के समय किसी रिश्तेदार को सौंपने के लिए कहा था। लेकिनसतपाल कौर ने बेटे को किसी को भी सौंपने से इनकार कर दिया। 21 मई को सभी आरोपियों को अदालत ने पांच के पुलिस रिमांड पर भेजा था और सीआईए स्टाफ जगरांव इनसे पूछताछ कर रहा है। ऐसे में चार साल के मासूम को भी सीआईए स्टाफ की कस्टडी में ही रहना पड़ा।
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26 मई को रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया तो अदालत में सभी का तीन दिन का पुलिस रिमांड और बढ़ा दिया और सतपाल कौर के बेटे की कस्टडी उसके नाना जसवीर सिंह को दे दी। सीआईए स्टाफ प्रभारी निशान सिंह ने इस बात की पुष्टि करते कहा कि अदालत के आदेश पर बच्चे को उसके नाना के हवाले कर दिया गया है।
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