शहर में अपनी मांगाें को लेकर 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर संघर्ष कर रहे टीईटी पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन के सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
इसके बाद अधिकतर सदस्यों को छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने 36 अध्यापकों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल लुधियाना में थे। इस दौरान टीईटी पास बेरोजगार अध्यापकों ने धरना देने की योजना बनाई थी।
इसे लेकर यूनियन के सदस्य सुबह से ही चतर सिंह पार्क में इकट्ठे हो गए। इस पोल खोल रैली का नेतृत्व सूबा प्रधान अमनदीप सिंह कर रहे थे। रैली के दौरान अध्यापकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। पूरे चतर सिंह पार्क को पुलिस छावनी में तबदील कर दिया गया।
धरने के बाद जैसे ही सदस्यों ने पार्क से बाहर जाने की कोशिश की, तो पुलिस ने लगभग 350 अध्यापकों को हिरासत में ले लिया और उनको विभिन्न थानों में ले जाया गया। महिला सदस्यों को ही देर शाम छोड़ दिया गया। जबकि थाना माडल टाउन की पुलिस ने 36 बेरोजगार अध्यापकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
थाना माडल टाउन के प्रभारी गुरदेव सिंह ने कहा कि गिरफ्तार किए गए सभी अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि टीईटी पास बेरोजगार अध्यापक अपने हकों के लिए पिछले तीन साल से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि टीईटी अध्यापकों के खाली पड़े पदों को भरा जाए और अध्यापकों को रेगुलर किया जाए। यूनियन ने साफ किया है कि अपने हकों के लिए भविष्य में आंदोलन और तेज किया जाएगा।