लुधियाना में प्रदर्शन करते शिक्षा प्रोवाइडर
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शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापक यूनियन की ओर से मिनी सचिवालय के बाहर पांच घंटे की भूख हड़ताल कर रोष जताया गया। सुबह नौ बजे ही बड़ी संख्या में अध्यापक मिनी सचिवालय के बाहर जमा हो गए और दोपहर दो बजे तक भूख हड़ताल की गई। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद डीसी रवि भगत को मांग पत्र सौंपा गया।
यूनियन के जिला प्रधान मनजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापक यूनियन अपनी सेवाएं शिक्षा विभाग में रेगुलर करवाने के लिए 2004 से लगातार यत्नशील है। पंजाब सरकार 11 सालों से शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापकों का शोषण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी भर्ती पंजाब सरकार के आदेशों और नियमों के अनुसार हुई है। इस पर भी अध्यापकों को पक्का नहीं किया जा रहा। शिक्षा विभाग पंजाब के निर्देशानुसार शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के लिए शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापकों ने अपनी जिंदगी के 11 साल लगा दिए, लेकिन अध्यापकों की सेवाएं रेगुलर नहीं की जा रही है।
शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापक अपनी मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। 14 नवंबर 2015 से पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड और डीजीएसई आफिस मोहाली में लगातार भूख हड़ताल और धरना जारी है जो 147वें दिन में प्रवेश कर चुका है। लेकिन पंजाब सरकार की ओर से अध्यापकों को अनदेखा किया जा रहा है। इसी कारण पंजाब भर में जिला हेडर्क्वाटर में सामूहिक छुट्टी लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल, रोष धरना और पंजाब सरकार के पुतले फूंके गए। जिला प्रधान मनजीत सिंह ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को जल्द हल न किया गया तो 15 अप्रैल को लुधियाना में सूबा स्तरीय रैली निकाली जाएंगी।