लुधियाना में कार्यकर्ताओं से मिलते कैप्टन
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस की जिला लुधियाना शहरी की बैठक में शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। वेलकम पैलेस में हुई बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी और सांसद रवनीत सिंह बिट्टू की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।
लोगों को सवाल नहीं करने दिए गए और एक दूसरे से माइक छीनने का प्रयास किया गया। सवाल पूछने वाले का कई बार माइक तक बंद कर दिया गया। सभी नारेबाजी कर रहे थे, जबकि मंच से कहा गया कि वे विचार दें, नारेबाजी न करें। कार्यकर्ताओं के व्यवहार से गुस्साए कैप्टन ने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वे उठकर चले जाएंगे। आज जो हुआ, उससे पता नहीं कि कांग्रेस जीत भी पाएगी या नहीं। जे इद्दां ही रिहा ते कांग्रेस नहीं, अकाली फिर आ जाणे पंजाब च।
बैठक में लगे बैनरों पर पूर्व मंत्री मनीष तिवारी की फोटो न होने पर भी आपत्ति जताई गई। तिवारी और बिट्टू गुट के कार्यकर्ता एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे रहे। सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, विधायक सुरिंदर डाबर और भारत भूषण आशु वर्करों के बीच पहुंचे और उनको शांत रहने का आग्रह किया। हालत यह रही कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के संबोधन से पहले ही कार्यकर्ता उठकर जाने लगे।
कैप्टन ने कहा कि चुनाव में लड़ाई काफी सख्त है। इसे एकजुटता के साथ ही जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब कार्यकर्ताओं को ही तय करना है कि कांग्रेस को लाना है या गुटबाजी करके फिर से अकालियों को। कैप्टन ने कहा कि 130 साल पुरानी पार्टी यहां तक केवल अनुशासन के बल पर ही पहुंच पाई, लेकिन आज जो देखा उससे दुख हुआ है।
पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने कहा कि शीघ्र ही जिले के प्रधानों में बदलाव किया जाएगा। बीर दविंदर और सुखपाल खैहरा के जाने पर कैप्टन ने कहा कि तीन बार हारने वाले को पार्टी टिकट नहीं देगी, तभी ये लोग कांग्रेस छोड़कर गए हैं।