मलोट में राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर लगे गंदगी के ढेर से भड़के दुकानदारों ने सोमवार को दुकानें बंद करके जीटी रोड पर जाम लगा दिया। गुस्साए दुकानदारों ने पंजाब सरकार तथा स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटा लगे जाम कारण जीटी रोड पर दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। इससे आने-जाने में भारी असुविधा हुई।
प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों ने बताया कि लंबे समय से नगर कौंसिल के कर्मचारी शहर से कूड़ा-कर्कट एकत्र करके जीटी रोड़ पर दुकानों के आगे फेंकते हैं। वहां कौंसिल द्वारा कूड़े के लिए बक्से तो रखे हैं, परंतु बक्सों के भरने के बावजूद कूड़ा नहीं उठाया जाता। इससे कूड़ा सड़क पर पड़ा रहता है।
हर समय पशु मुंह मारते रहते हैं। कई बार तो पशुओं के कारण हादसे हो जाते हैं। दुर्गंध के कारण दुकानदारी प्रभावित हो रही है। बीमारियां फैलने की आशंका बनी है।
इस बाबत कई बार संबंधित अधिकारियों को मिलकर समस्या से अवगत करवाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि वह इस संबंध में उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल से मिल चुके हैं और उन्होंने अधिकारियों को कूड़ा स्थल बदलने के आदेश दिए थे। मगर कूड़ा स्थल नहीं बदला गया। मजबूरन दुकानदारों और आसपास रहने वालों लोगों को जाम के लिए मजबूर होना पड़ा।
उधर जाम की जानकारी मिलते ही नगर कौंसिल के सेनेटरी इंस्पेक्टर मान सिंह ने मौके पर पहुंच कर प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारी दुकानदार कूड़ा स्थल बदलने की मांग पर अड़े रहे।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए सेनेटरी इंस्पेक्टर ने बताया कि नगर कौंसिल के पास कूड़े के लिए अपना कोई पर्याप्त स्थान नहीं है। मजबूरन हमें यहां कूड़ा एकत्र करना पड़ता है।
कुछ देर बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। थाना प्रभारी जसवीर सिंह और मान सिंह ने प्रदर्शनकारियों को 15 दिन में कूड़ा स्थल बदलने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
दुकानदारों ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि फिलहाल तो वह जाम हटा रहे हैं। अगर निश्चित समय में समस्या का हल न किया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। इस अवसर पर हैप्पी शर्मा, हरचरण सिंह शैरी समेत बड़ी संख्या में दुकानदार उपस्थित थे।