एसवाईएल नहर से पंजाब का बड़ा नुकसान हुआ : संत बलवीर सिंह सीचेवाल
राज्यसभा सदस्य ने मंडी गोबिंदगढ़ के फोकल पॉइंट में 6000 पौधों से करवाई शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी गोबिंदगढ़। राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलवीर सिंह सीचेवाल ने शुक्रवार को मंडी गोबिंदगढ़ के फोकल पॉइंट में 6000 पौधे लगाने की शुरुआत करवाई है। इसे ऑर्ट ऑफ लिविंग परिवार तथा उद्योगपतियों के सहयोग से फोकल पॉइंट में माइक्रो जंगल बनाया जाएगा ताकि शहर की आबोहवा को सुधारा जा सके और लोग ताजी हवा में सांस ले सकें। फोकल प्वाइंट में पौधारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संत सीचेवाल ने कहा कि अधिक से अधिक पेड़ लगाना आज की मुख्य जरूरत है और हम सभी को अधिक से अधिक पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक नगरी में प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाए जाने चाहिए। संत सीचेवाल ने कहा कि सभी पंजाबियों को पंजाब की हवा, पानी को बचाने के लिए योगदान देना चाहिए। यदि हम भूमिगत जल को बचाने के लिए अब भी नहीं जागे तो हमें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। कहा कि किसानों को भूजल बचाने के लिए ड्रिप सिंचाई और फव्वारा सिंचाई प्रणाली अपनानी चाहिए। पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए जिस तरह किसानों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, उसी तरह उद्योगों को भी आगे बढ़कर योगदान देना चाहिए।
2039 तक पंजाब का पानी हजार फुट नीचे जाएगा
संत सीचेवाल ने कहा कि आज पंजाब में पानी बहुत नीचे चला गया है और केंद्रीय जल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2039 तक पंजाब में पानी एक हजार फुट नीचे चला जाएगा, जो हम सभी के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। एसवाईएल नहर के पानी पर सीचेवाल ने कहा कि आज जो लोग पानी की बात कर रहे हैं उन्हें सोचना चाहिए कि पंजाब के पास पहले से ही बहुत कम पानी है। जल बंटवारे के समय पंजाब को राजस्थान के मुकाबले बहुत कम पानी मिलता था जबकि खेती सबसे ज्यादा पंजाब में होती है जिससे पंजाब के पानी की नुकसान ही हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है।
नहरी पानी को खेती में इस्तेमाल का फैसला सराहनीय
सीचेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नहरी पानी को खेती के लिए इस्तेमाल करने की परियोजना शुरू करना एक सराहनीय पहल है क्योंकि पंजाब में इस समय 15 लाख ट्यूबवेल हैं जिनके जरिये भूमिगत जल का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार द्वारा नहर का पानी खेतों तक पहुंचाकर भूजल को संरक्षित किया जा सकता है, उसी प्रकार वर्षा जल को रिचार्ज करके भूजल को बचाया जा सकता है।
समारोह में यह लोग रहे शामिल
इस अवसर पर एडीसी ईशा सिंगला, फोकल प्वाइंट एसोसिएशन प्रधान अशोक गुप्ता, आर्ट ऑफ लिविंग से संजय सिंगला, बृज गुप्ता, उद्योगपति संजीव सूद, संचित सिंगला, संदीप कश्यप, राकेश जिंदल, तहसीलदार हरनेक सिंह, जसविंदर सिंह काला, केंद्रीय जल बोर्ड के सदस्य राकेश गुप्ता, जतिंदर अरोड़ा, जोगिंदर सिंह मैणी, संजीव दत्ता, डॉ. मनमोहन कौशल, मनिंदर सिंह हैरी पटवारी, वेद प्रकाश क्रेशिया, दिनेश सिंघी, नीतू सिंघी, सुरेश गुप्ता, ललित गर्ग, दिनेश सिंह, कुलविंदर सिंह, हेमंत गोयल, रमेश मित्तल, समाजसेवी डॉ. अमित संदल, कमल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन:-20जीबीजीपी01मंडी गोबिंदगढ़ के फोकल प्वाइंट में 6000 पौधों वाला माइक्रो जंगल की शुरुआत के दौरान मंच से संबोधित करते संत बलवीर सिंह सीचेवाल।
फोटो कैप्शन:-20जीबीजीपी01ए-फोकल प्वाइंट में पौधरोपण कर जंगल की शुरुआत करते संत बलवीर सिंह सीचेवाल।
फोटो कैप्शन:-20जीबीजीपी01सीसंत बलवीर सिंह सीचेवाल पर्यावरण को बचाने वाले लोगों को पौधे देकर सम्मानित करते हुए।