लुधियाना। शहर के विकास कार्यों पर चर्चा के लिए नगर निगम हाउस की मीटिंग के दौरान शुक्रवार को सफाई कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस बार निगम हाउस की मीटिंग जालंधर बाइपास स्थित अंबेडकर भवन में रखी गई थी। सुबह सवा 11 बजे मीटिंग शुरू होने के बाद कर्मचारियों ने आंबेडकर भवन का घेराव कर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने भवन के दोनों गेट बंद कर दिए और किसी को अंदर जाने या बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कैबिनेट मंत्री रवजोत सिंह का पुतला भी फूंका। पुलिस ने गेटों पर पहरा देकर स्थिति को नियंत्रण में रखा।
प्रदर्शनकारियों की 11 सदस्यीय टीम बाद में मेयर के साथ बैठक में शामिल हुई और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। इसके बाद प्रदर्शनकारी शाम तक शांत हो गए। न्यू वाल्मीकि एकता संघ के ओमपाल चंडालिया ने बताया कि लंबे समय से सफाई कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। कर्मचारियों ने कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने और अन्य मांगों को पूरा करने की बात उठाई।
मामले की जांच करवाने की अपील
निगम हाउस की बैठक के दौरान समाजसेवी विक्की सहोता ने भी सोशल मीडिया पर लाइव होकर मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि हल्का सेंट्रल में 172 आउटसोर्सिंग कर्मचारी रखे गए हैं, जिनमें से केवल 35 ही काम कर रहे हैं। यह नियुक्ति विधायक की सिफारिश पर हुई थी। विक्की सहोता ने विधायक अशोक पराशर पप्पी से मामले की जांच करवाने की अपील की। इस घटना से निगम हाउस का माहौल तनावपूर्ण रहा। दो से तीन घंटे तक चली मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर दृढ़ रुख बनाए रखा। प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सहायता ली, ताकि अनहोनी न हो और बैठक शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हो सके।