रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने पंजाब के उद्योगपतियों को भी चिंता में डाल दिया है। रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण पंजाब के निर्यातकों की पांच सौ करोड़ रुपये की पेमेंट फंस गई है। उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में सहयोग की मांग की है। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण निर्यातकों को विदेशों से मिलने वाले ऑर्डरों की संख्या में भी काफी गिरावट आ गई है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट (फियो) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लुधियाना हैंडलूम एसोसिएशन के प्रधान एससी रल्हन ने कहा कि यूक्रेन और रूस के तनाव का पहला प्रभाव जो होगा वह पेमेंट पर पड़ेगा। शिपिंग कंपनियों ने आयातकों और निर्यातकों को अलर्ट भेज दिया है।
पैरामाउंड इंपेक्स के एमडी राकेश कपूर ने बताया कि इस युद्ध के कारण अमेरिका की कई कंपनियों ने ऑर्डर अभी रोक लिए हैं। यहीं नहीं अब तो रूस एवं यूक्रेन से पेमेंट्स को लेकर भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सीआईआई के पूर्व चेयरमैन राहुल आहुजा ने कहा कि स्थिति खराब हुई तो पंजाब के ऑटो पार्ट्स मशीन टूल्स, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग इंडस्ट्री को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। राहुल बजाज कहते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध लंबा चलता है तो निर्यातकों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी।
आल इंडस्ट्री एवं ट्रेड फोरम के अध्यक्ष बंदिश जिंदल ने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण निर्यातक काफी परेशान हैं। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिख इस युद्ध के तनाव के कारण भारतीय कंपनियों को हो रहे आर्थिक नुकसान में सहयोग देने की बात कही है।
सीआईसीयू के प्रधान ओंकार सिंह आहुजा का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण कारोबारियों के पांच सौ करोड़ से अधिक की पेमेंट फंस गई है। भारत से कारोबार के मामले में यूक्रेन पांचवें नंबर पर है। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध लंबे समय तक चला तो निर्यातकों का काफी नुकसान होगा।