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रूस-यूक्रेन युद्ध के साइड इफेक्टस: पंजाब के निर्यातकों की पांच सौ करोड़ की पेमेंट फंसी, पीएम मोदी से की अपील

Sat, 26 Feb 2022 01:50 AM IST
पंजाब ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

पंजाब के उद्योगपति यूक्रेन को चावल, इलेक्ट्रिकल गुड्स, ऑटो पार्ट्स, ट्रैक्टर, ट्रैक्टर पार्ट्स, हैंड टूल्स, हार्डवेयर, टायर ट्यूब, दवाएं स्पोर्ट्स गुड्स, सर्जिकल उपकरण, टेक्सटाइल एवं होजरी का सामान निर्यात करते हैं।
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पेमेंट - फोटो : istock
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विस्तार
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रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने पंजाब के उद्योगपतियों को भी चिंता में डाल दिया है। रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण पंजाब के निर्यातकों की पांच सौ करोड़ रुपये की पेमेंट फंस गई है। उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में सहयोग की मांग की है। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण निर्यातकों को विदेशों से मिलने वाले ऑर्डरों की संख्या में भी काफी गिरावट आ गई है।

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ऑर्डर रिव्यू को लेकर बड़े देशों की कंपनियां अब टालमटोल करने लगी हैं। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध का सबसे ज्यादा असर इंजीनियरिंग उद्योग पर पड़ा है। पंजाब के उद्योगपति यूक्रेन को चावल, इलेक्ट्रिकल गुड्स, ऑटो पार्ट्स, ट्रैक्टर, ट्रैक्टर पार्ट्स, हैंड टूल्स, हार्डवेयर, टायर ट्यूब, दवाएं स्पोर्ट्स गुड्स, सर्जिकल उपकरण, टेक्सटाइल एवं होजरी का सामान निर्यात करते हैं। दोनों देशों के युद्ध के कारण इन कारोबार पर काफी असर पड़ेगा। इसके अलावा पंजाब के उद्योगपति रूस को भी चाय, चावल, टायर ट्यूब, केमिकल, प्रिंटिंग, स्टेशनरी गुड्स, बेकरी का सामान, टायर ट्यूब, दवाएं, हार्डवेयर, टेक्सटाइल एंव होजरी गुड्स, सिलाई मशीन, इलेक्ट्रिकल सामान, धागा आदि निर्यात करते हैं।

क्या कहते हैं उद्योगपति

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट (फियो) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लुधियाना हैंडलूम एसोसिएशन के प्रधान एससी रल्हन ने कहा कि यूक्रेन और रूस के तनाव का पहला प्रभाव जो होगा वह पेमेंट पर पड़ेगा। शिपिंग कंपनियों ने आयातकों और निर्यातकों को अलर्ट भेज दिया है। 

पैरामाउंड इंपेक्स के एमडी राकेश कपूर ने बताया कि इस युद्ध के कारण अमेरिका की कई कंपनियों ने ऑर्डर अभी रोक लिए हैं। यहीं नहीं अब तो रूस एवं यूक्रेन से पेमेंट्स को लेकर भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

ऑटो पार्ट्स पर पड़ेगा काफी असर

सीआईआई के पूर्व चेयरमैन राहुल आहुजा ने कहा कि स्थिति खराब हुई तो पंजाब के ऑटो पार्ट्स मशीन टूल्स, हैंड टूल्स, इंजीनियरिंग इंडस्ट्री को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। राहुल बजाज कहते हैं कि अगर दोनों देशों के बीच युद्ध लंबा चलता है तो निर्यातकों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी।

पीएम मोदी को सहयोग के लिए लिखी चिट्ठी

आल इंडस्ट्री एवं ट्रेड फोरम के अध्यक्ष बंदिश जिंदल ने कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के कारण निर्यातक काफी परेशान हैं। उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिख इस युद्ध के तनाव के कारण भारतीय कंपनियों को हो रहे आर्थिक नुकसान में सहयोग देने की बात कही है।

भारत से कारोबार के मामले में यूक्रेन 5वें नंबर पर 

सीआईसीयू के प्रधान ओंकार सिंह आहुजा का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण कारोबारियों के पांच सौ करोड़ से अधिक की पेमेंट फंस गई है। भारत से कारोबार के मामले में यूक्रेन पांचवें नंबर पर है। उन्होंने कहा कि अगर युद्ध लंबे समय तक चला तो निर्यातकों का काफी नुकसान होगा।  

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